अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौता वार्ता असफल हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप शनिवार तक ईरान पर सैन्य हमले का आदेश दे सकते हैं।
By: Ajay Tiwari
Feb 19, 20263:40 PM
वॉशिंगटन/तेहरान: स्टार समाचार वेब
मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर चल रही लंबी वार्ता बेनतीजा खत्म होने के बाद अब युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शनिवार तक ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का बड़ा फैसला ले सकते हैं।
न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप के शीर्ष सुरक्षा सलाहकारों ने उन्हें सूचित किया है कि अमेरिकी सेना शनिवार तक ईरान पर हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगी। हालांकि, व्हाइट हाउस ने अभी तक हमले की अंतिम "हरी झंडी" नहीं दी है, लेकिन सैन्य विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। पेंटागन ने एहतियात के तौर पर मिडिल ईस्ट से अपने कुछ गैर-जरूरी कर्मियों को हटाना शुरू कर दिया है, ताकि ईरान के संभावित जवाबी हमले (Retaliation) की स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके।
इस तनाव के पीछे सबसे बड़ी वजह ईरान के सुप्रीम लीडर का हालिया बयान माना जा रहा है। ईरानी नेतृत्व ने कथित तौर पर अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर को डुबाने की धमकी दी थी, जिससे राष्ट्रपति ट्रंप बेहद नाराज हैं। सूत्रों का कहना है कि ट्रंप इस बार ईरान को "सबक सिखाने" के मूड में हैं। परमाणु वार्ता विफल होने के तुरंत बाद ट्रंप ने एक हाई-लेवल मीटिंग बुलाई, जिसमें उन्होंने ईरान की घेराबंदी और आने वाले दिनों की सैन्य रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
पिछले कई दिनों से दोनों देशों के वरिष्ठ नेताओं के बीच परमाणु समझौते को बहाल करने की कोशिशें चल रही थीं, लेकिन वैचारिक मतभेद और अविश्वास के कारण यह वार्ता असफल रही। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका अब कूटनीति के बजाय सैन्य दबाव की रणनीति अपना रहा है।
पूरी दुनिया की नजरें अब अगले कुछ घंटों पर टिकी हैं। यदि अमेरिका शनिवार तक हमला करता है, तो यह न केवल मिडिल ईस्ट बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और शांति के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है।