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category : आलेख

पीएम का ब्लॉग...सोमनाथ मंदिर का पुन: खड़ा होना भारत की अदम्य आत्मा का प्रतीक

पीएम का ब्लॉग...सोमनाथ मंदिर का पुन: खड़ा होना भारत की अदम्य आत्मा का प्रतीक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आक्रांताओं द्वारा सोमनाथ मंदिर के बार-बार विध्वंस और इसके पुनर्निर्माण की कहानी पर एक भावुक ब्लॉग लिखा है। भारत के गुजरात में स्थित सोमनाथ मंदिर को पहली बार 1026 ईस्वी में महमूद गजनी के हाथों विध्वंस का सामना करना पड़ा, जिसमें पवित्र ज्योतिर्लिंग को खंडित कर दिया था।

Jan 05, 202611:54 AM

विकास का लक्ष्य और संतुलन की आवश्यकता: मध्य प्रदेश की आगे की राह

विकास का लक्ष्य और संतुलन की आवश्यकता: मध्य प्रदेश की आगे की राह

मध्यप्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का एक दिवसीय सत्र 17 दिसंबर को जिस विषय पर केंद्रित है। वह राज्य के दीर्घकालिक भविष्य से जुड़ा हुआ है। मध्यप्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाना ऐसा लक्ष्य है, जिस पर व्यापक सहमति संभव है। यह विषय केवल किसी एक सरकार या कार्यकाल से नहीं, बल्कि राज्य की निरंतर विकास-यात्रा से जुड़ा है।

Dec 17, 202511:19 AM

वाह चाय बोलिए जनाब.. पानी के बाद सबसे अधिक पिया जाना वाला पेय है चाय

वाह चाय बोलिए जनाब.. पानी के बाद सबसे अधिक पिया जाना वाला पेय है चाय

अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस (15 दिसंबर) का महत्व, इतिहास और उद्देश्य जानें। यह दिन चाय उत्पादकों के अधिकारों, सतत विकास और दुनिया के सबसे लोकप्रिय पेय के आर्थिक व सांस्कृतिक योगदान पर प्रकाश डालता है।

Dec 12, 20256:11 PM

निजी विश्वविद्यालय: विस्तार तेज, व्यवस्था कमजोर —एक विश्वविद्यालय, कई सवाल वीआईटी से उठी चेतावनी

निजी विश्वविद्यालय: विस्तार तेज, व्यवस्था कमजोर —एक विश्वविद्यालय, कई सवाल वीआईटी से उठी चेतावनी

भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था आज एक ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ी है, जहाँ एक ओर शैक्षणिक अवसरों के नए क्षितिज खुल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इन अवसरों की आड़ में अराजकता, अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही का अँधेरा भी तेजी से फैल रहा है।

Dec 09, 20254:12 PM

मानवाधिकार दिवस : हर व्यक्ति के लिए न्याय, सम्मान और समान अवसर सुनिश्चित करने की एक वैश्विक प्रतिबद्धता

मानवाधिकार दिवस : हर व्यक्ति के लिए न्याय, सम्मान और समान अवसर सुनिश्चित करने की एक वैश्विक प्रतिबद्धता

10 दिसंबर को क्यों मनाया जाता है विश्व मानवाधिकार दिवस? जानें संयुक्त राष्ट्र द्वारा सार्वभौम मानवाधिकार घोषणापत्र (UDHR) के महत्व और वर्तमान समय में इसके प्रासंगिकता पर विस्तृत आलेख।

Dec 08, 20254:24 PM

अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस 2025: ईमानदारी, निर्भयता और समाज में भ्रष्टाचार की चुनौती

अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस 2025: ईमानदारी, निर्भयता और समाज में भ्रष्टाचार की चुनौती

अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस 2025 पर जानें क्यों ईमानदारी और निर्भयता से जीना बनता जा रहा है चुनौतीपूर्ण। भ्रष्टाचार के प्रभाव, समाज और सरकार पर असर और जागरूक नागरिक की जिम्मेदारी पर लेख।

Dec 04, 202512:19 PM

विषैली विरासत... अगली पीढ़ी पर भोपाल गैस त्रासदी के स्वास्थ्य प्रभाव 

विषैली विरासत... अगली पीढ़ी पर भोपाल गैस त्रासदी के स्वास्थ्य प्रभाव 

3 दिसंबर-1984 की रात विश्व इतिहास में दर्ज सबसे भयावह औद्योगिक लापरवाही का प्रतीक है। मिथाइल आइसोसाइनेट (एमआईसी) जैसी अत्यंत विषैली गैस ने कुछ ही घंटों में हजारों लोगों की जान ले ली। लेकिन मौत का सिलसिला यहीं नहीं रुका।

Dec 02, 202511:23 AM

दो दिसंबर: जानिए विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस क्यों है इतना महत्वपूर्ण

दो दिसंबर: जानिए विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस क्यों है इतना महत्वपूर्ण

जानें 2 दिसंबर को क्यों मनाया जाता है विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस। इसके इतिहास, उद्देश्य और डिजिटल युग में इसके महत्व पर विस्तृत आलेख।

Dec 01, 202511:53 AM

भगवत् गीता का प्रचार मनुष्य मात्र का अधिकार चाहे वह किसी भी वर्ण आश्रम में स्थित हो

भगवत् गीता का प्रचार मनुष्य मात्र का अधिकार चाहे वह किसी भी वर्ण आश्रम में स्थित हो

श्रीमद्भागवत गीता, महाभारत के भीष्म पर्व का एक भाग है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को युद्ध-क्षेत्र में आत्म-ज्ञान, कर्तव्य और मोक्ष के मार्ग का उपदेश देते हैं। गीता आत्मा की अमरता और उसके वास्तविक स्वरूप को स्पष्ट करती है, जिससे व्यक्ति अपने अस्तित्व के मूल को समझता है।

Nov 30, 20259:12 PM

भोपाल गैस त्रासदी: 1984 की वो काली रात, जब मौत के लश्कर आए थे और सोता शहर हो गया था लाशों में तब्दील

भोपाल गैस त्रासदी: 1984 की वो काली रात, जब मौत के लश्कर आए थे और सोता शहर हो गया था लाशों में तब्दील

भोपाल की वह काल की रात... जब बिस्तर-बिस्तर मौत के लश्कर आए थे...  सोए शहर के लोग लाशों में तब्दील होने लगे थे। जो उस रात के गवाह है वह आज भी सिहर उठते उन पलों को याद करते हुए.. जब सड़कों पर हांफते, खांसते, गिरते-उठते लोग जान बचाने भाग रहे थे।

Nov 29, 20256:23 PM