इंदौर का आरएनटी मार्ग स्थित विश्वविद्यालय परिसर मंगलवार को छावनी में तब्दील हो गया, जहाँ राजपूत करणी सेना और विभिन्न छात्र संगठनों ने यूजीसी (UGC) के नए नियमों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
By: Ajay Tiwari
Jan 27, 20267:10 PM
इंदौर. स्टार समाचार वेब
इंदौर का आरएनटी मार्ग स्थित विश्वविद्यालय परिसर मंगलवार को छावनी में तब्दील हो गया, जहाँ राजपूत करणी सेना और विभिन्न छात्र संगठनों ने यूजीसी (UGC) के नए नियमों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने न केवल कुलपति को ज्ञापन सौंपा, बल्कि परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ कर सरकार की 'सद्बुद्धि' की प्रार्थना भी की।
विरोध की वजह प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि यूजीसी के नए ड्राफ्ट में 'भेदभाव' की जो परिभाषा तय की गई है, वह एकतरफा है। नए नियमों में SC/ST/OBC, महिलाओं और विकलांगों को भेदभाव से पीड़ित माना गया है, लेकिन सामान्य वर्ग (General Category) के छात्रों को इस दायरे से बाहर रखा गया है। छात्रों का आरोप है कि 'झूठी शिकायतों' पर दंड का प्रावधान ड्राफ्ट से हटा दिया गया है, जिससे इस कानून के दुरुपयोग की संभावना बढ़ गई है। मांग की जा रही है कि 'इक्विटी कमेटी' में सभी वर्गों का समान प्रतिनिधित्व होना चाहिए।
करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग प्रतापसिंह ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है है। 1 फरवरी: भारत बंद का आह्वान। 2 फरवरी: मध्य प्रदेश के सभी सांसदों को ज्ञापन। सांसदों को चेतावनी: जो सांसद इस प्रस्ताव का समर्थन करेंगे, उन्हें 'चूड़ियाँ' भेंट की जाएंगी और उनके आवास का घेराव किया जाएगा।
UGC ने 13 जनवरी को यह नोटिफिकेशन जारी किया, जिसे 15 जनवरी से लागू कर दिया गया है। इसका मुख्य ढांचा इस प्रकार है-
छात्रों का सबसे बड़ा विरोध इस बात को लेकर है कि सवर्ण छात्र नियमों के अनुसार 'आरोपी' तो हो सकते हैं, लेकिन 'पीड़ित' नहीं।