इंदौर का आरएनटी मार्ग स्थित विश्वविद्यालय परिसर मंगलवार को छावनी में तब्दील हो गया, जहाँ राजपूत करणी सेना और विभिन्न छात्र संगठनों ने यूजीसी (UGC) के नए नियमों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

यूजीसी की नई नीति का इंदोर में विरोध.
इंदौर. स्टार समाचार वेब
इंदौर का आरएनटी मार्ग स्थित विश्वविद्यालय परिसर मंगलवार को छावनी में तब्दील हो गया, जहाँ राजपूत करणी सेना और विभिन्न छात्र संगठनों ने यूजीसी (UGC) के नए नियमों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने न केवल कुलपति को ज्ञापन सौंपा, बल्कि परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ कर सरकार की 'सद्बुद्धि' की प्रार्थना भी की।
विरोध की वजह प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि यूजीसी के नए ड्राफ्ट में 'भेदभाव' की जो परिभाषा तय की गई है, वह एकतरफा है। नए नियमों में SC/ST/OBC, महिलाओं और विकलांगों को भेदभाव से पीड़ित माना गया है, लेकिन सामान्य वर्ग (General Category) के छात्रों को इस दायरे से बाहर रखा गया है। छात्रों का आरोप है कि 'झूठी शिकायतों' पर दंड का प्रावधान ड्राफ्ट से हटा दिया गया है, जिससे इस कानून के दुरुपयोग की संभावना बढ़ गई है। मांग की जा रही है कि 'इक्विटी कमेटी' में सभी वर्गों का समान प्रतिनिधित्व होना चाहिए।
करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग प्रतापसिंह ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है है। 1 फरवरी: भारत बंद का आह्वान। 2 फरवरी: मध्य प्रदेश के सभी सांसदों को ज्ञापन। सांसदों को चेतावनी: जो सांसद इस प्रस्ताव का समर्थन करेंगे, उन्हें 'चूड़ियाँ' भेंट की जाएंगी और उनके आवास का घेराव किया जाएगा।
UGC ने 13 जनवरी को यह नोटिफिकेशन जारी किया, जिसे 15 जनवरी से लागू कर दिया गया है। इसका मुख्य ढांचा इस प्रकार है-
छात्रों का सबसे बड़ा विरोध इस बात को लेकर है कि सवर्ण छात्र नियमों के अनुसार 'आरोपी' तो हो सकते हैं, लेकिन 'पीड़ित' नहीं।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में 1998-2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य। सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई के दौरान छूट देने से किया इनकार। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की 36वीं किस्त के 1500 रुपये जारी किए। जानें कैसे चेक करें अपना पेमेंट स्टेटस और योजना से जुड़ी बड़ी अपडेट्स।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके प्रबंध निदेशक किशन मोदी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।
भोपाल के करोंद स्थित एक चार मंजिला बिल्डिंग में आग लगने से हड़कंप मच गया। क्रोमा शोरूम के जनरेटर में शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने एसी और फर्नीचर को जलाकर राख कर दिया।
भोपाल के कटारा हिल्स में एक रिटायर्ड महिला जज की प्रेग्नेंट बहू ट्विशा शर्मा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने पति पर प्रताड़ना और चरित्र हनन के आरोप लगाए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में नामीबियाई मादा चीता ज्वला के चार शावकों की मौत हो गई है। शावकों के शव आधे खाए हुए मिले हैं, जिससे शिकारियों के हमले की आशंका जताई जा रही है।
धार की ऐतिहासिक भोजशाला मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने दो घंटे की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। जानें क्या रही हिंदू और मुस्लिम पक्ष की दलीलें।
इंदौर में सीलिंग एक्ट को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका। याचिकाकर्ता का आरोप- वर्ष 2000 में खत्म हो चुके कानून के नाम पर अधिकारी कर रहे मनमानी। जानें पूरा मामला।
मध्य प्रदेश भाजपा नेताओं में ईंधन बचत को लेकर विरोधाभास। सौभाग्य सिंह ठाकुर के भारी काफिले पर हेमंत खंडेलवाल ने दी नसीहत। जानें पूरी खबर और कांग्रेस का हमला
ग्राम पंचायत मोरूखेड़ी में जनभागीदारी से पंचायत क्षेत्र की पहाड़ी पर कंटूर ट्रेंच निर्माण कार्य किया गया है। एक हेक्टेयर क्षेत्र में किए जा रहे इस कार्य के तहत कुल 350 कंटूर ट्रेंच बनाई गई हैं। इन ट्रेंचों के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 13 लाख लीटर वर्षा जल का संचयन किया जा सकेगा।