अयोध्या में रामनवमी पर आज यानी शुक्रवार दोपहर 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में रामलला का सूर्य तिलक किया गया। नौ मिनट तक भगवान के ललाट पर नीली किरणें पड़ीं। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद रामलला का यह दूसरा सूर्य तिलक है। पीएम नरेंद्र मोदी ने टीवी पर इसे लाइव देखा। सूर्य तिलक के साथ ही रामलला का जन्म हो गया।
By: Arvind Mishra
Mar 27, 20261:47 PM

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी पर अयोध्या नगरी पूरी तरह राममय हो उठी। रामलला के जन्म के शुभ अवसर पर भए प्रकट कृपाला दीनदयाला की स्तुति से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कनक भवन और हनुमानगढ़ी में श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते और नाचते नजर आए। रामभक्तों ने पूरे उत्साह और उल्लास के साथ रामलला का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया। इस पावन अवसर पर मौसम ने भी करवट ली। सुबह तक जहां हल्की बारिश और ठंडक के कारण मौसम सख्त बना हुआ था। वहीं, रामजन्म के समय अचानक मौसम साफ हो गया और खिली धूप निकल आई। मंदिर परिसर में भगवान रामलला के ललाट पर पड़ी सूर्य की किरणों को श्रद्धालुओं ने दिव्य अभिषेक के रूप में देखा।इधर, मध्यप्रदेश में रामनवमी के अवसर पर प्रदेश में जगह-जगह आयोजनों किए गए। राजधानी भोपाल में सैकड़ों स्थानों पर भंडारे, मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और भव्य शोभायात्राएं निकाली। वहीं इंदौर के रणजीत हनुमान मंदिर में साकेतधाम की आकर्षक सजावट, अखंड रामायण और विशेष अभिषेक-आरती का आयोजन किया। उज्जैन में शिप्रा तट स्थित राम मंदिर में यज्ञ, महाआरती और ऐतिहासिक वीरभद्र ध्वज चल समारोह श्रद्धा का केंद्र रहा। जबलपुर में नर्मदा तट गौरीघाट पर सांस्कृतिक आविर्भाव समारोह के जरिए रामकथा और लोकभक्ति की प्रस्तुति की गई।

रामलला का सूर्य तिलक किया गया
अयोध्या में रामनवमी पर आज यानी शुक्रवार दोपहर 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में रामलला का सूर्य तिलक किया गया। नौ मिनट तक भगवान के ललाट पर नीली किरणें पड़ीं। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद रामलला का यह दूसरा सूर्य तिलक है। पीएम नरेंद्र मोदी ने टीवी पर इसे लाइव देखा। सूर्य तिलक के साथ ही रामलला का जन्म हो गया। इस दौरान 14 पुजारी गर्भगृह में मौजूद रहे। उन्होंने विशेष पूजा और आरती की। सूर्य तिलक के बाद कुछ देर के लिए मंदिर के पट बंद कर दिए गए। रामलला को 56 तरह के व्यंजन का भोग लगाया गया।

गर्भगृह को फूलों से सजाया
सूर्य तिलक के लिए अष्टधातु के 20 पाइप से 65 फीट लंबा सिस्टम बनाया गया है। 4 लेंस और 4 मिरर के जरिए गर्भगृह तक रामलला के मस्तक पर किरणें पहुंचाई गईं। गर्भगृह को फूलों से सजाया गया। सुबह 5.30 बजे रामलला को पीतांबर पहनाया गया। फिर आरती की गई। आज आम दिनों के मुकाबले भक्त तीन घंटे ज्यादा रामलला के दर्शन कर पाएंगे। सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक यानी 18 घंटे दर्शन होंगे। वहीं मंदिर प्रबंधन ने दावा किया है कि मंदिर परिसर में लंबी लाइनें लगी हैं। राम पथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ पर भीड़ ज्यादा है। 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु प्रभु रामलला के दर्शन करने पहुंचे हैं। मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
चावल पर श्रीराम लिखकर भक्तों में बांटा
रामनवमी पर जौनपुर से रामलला का अनोखा भक्त अयोध्या पहुंचा। मनीष पाल चावल के दाने पर प्रभु श्री राम का नाम उकेर कर श्रद्धालुओं में नि:शुल्क दिए। उन्होंने बताया कि राम मंदिर निर्माण को लेकर प्रतिज्ञा ली थी। मंदिर निर्माण के बाद से चावल पर प्रभु श्री राम का नाम उकेर कर लोगों में दे रहा हूं।
एरी सिल्क से तैयार किए पीतांबर वस्त्र
रामनगरी अयोध्या में राम नवमी के अवसर पर रामलला के लिए विशेष पीतांबर वस्त्र तैयार किए गए हैं। इन दिव्य वस्त्रों को बनाने में तीन महीने से अधिक का समय लगा। वस्त्र असम के एरी सिल्क से तैयार किए गए हैं, जो अपनी कोमलता और प्राकृतिक गुणों के लिए प्रसिद्ध है। इस बार प्रभु राम इन मनोहारी वस्त्रों में और भी आकर्षक और अलौकिक रूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ा है।
राम मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी
अयोध्या में चैत्र नवरात्रि की महानवमी और राम नवमी के अवसर पर श्री राम मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद कर दिया गया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने रामनगरी को हाईअलर्ट पर रखा है। कमांडो की तैनाती की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है। हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर डॉग स्क्वाड टीम द्वारा पूरे अयोध्या में लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
सुरक्षा गार्डों को उपहार में दी मूर्ति
बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि मामले में पूर्व वादी इकबाल अंसारी ने कहा कि आज रामनवमी का मेला है। हमारे यहां चैत्र नवमी में भगवान राम का महत्व है। अयोध्या में लोग दर्शन-पूजन करने आते हैं। उन्होंने कहा- अयोध्या का प्रसाद और यहां की भगवान की मूर्ति बहुत से लोग लेकर जाते हैं। मैंने आज हमारे यहां जो सुरक्षा गार्ड हैं, उनको भगवान राम की मूर्ति उपहार में दी। वह भगवान के दर्शन करें, भगवान के बताए हुए रास्ते पर चलें, यही हमारी श्रद्धा है। यही श्रद्धा उनको भी होनी चाहिए।
हनुमानगढ़ी में बजरंगबली की आरती
अयोध्या में हनुमानगढ़ी में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। सुबह बजरंगबली की आरती की गई। सरयू नदी में स्नान करने के बाद मंदिरों की ओर बढ़ रहे हैं। हर ओर जय श्रीराम के जयघोष गूंज रहे हैं। महिलाएं पारंपरिक सोहर गीत गा रही थीं। भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना के बीच श्रद्धालु भगवान राम के जन्म का उत्सव मनाने के लिए उत्साहित नजर आए।
ग्वालियर के शीतला माता मंदिर में भंडारा
ग्वालियर में रामनवमी के अवसर माता मंदिरों पर पूजा अर्चना की गई। सुबह 5:00 बजे से ही मंदिरों के पट खोल दिए गए थे। उसके साथ ही मंदिरों में विशाल भंडारों का आयोजन भी किया गया। ग्वालियर से 25 किलोमीटर दूर शीतला माता मंदिर पर भी बड़ा भंडारा आयोजित किया हुआ।
बगलामुखी मंदिर में उमड़ी भीड़
आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में सुबह से ही हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर परिसर में नौ दिवसीय नि:शुल्क भंडारा भी आयोजित किया गया, जहां रोजाना 20 से 30 हजार श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करते नजर आए।
मैहर शारदा धाम में रहस्य और आस्था का संगम
मैहर स्थित मां शारदा मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। त्रिकूट पर्वत पर स्थित इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां आज भी ब्रह्म मुहूर्त में आल्हा सबसे पहले मां की पूजा करते हैं। रात में मंदिर बंद होने के बाद भी घंटियों और मंत्रोच्चार की ध्वनि सुनाई देने की मान्यता श्रद्धालुओं में विशेष आस्था का विषय है। बागेश्वर धाम में पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कन्या पूजन कर उन्हें भोजन कराया। इस दौरान कन्याओं के चरण धोकर तिलक और चुनरी ओढ़ाई गई।