सीधी में मंदिर में चोरी का अनोखा मामला सामने आया, जहां चोर ने पहले पूजा कर भगवान का आशीर्वाद लिया और फिर मुकुट चुरा लिया। सीसीटीवी में कैद वारदात से आस्था और अपराध पर सवाल उठे।
धारकुंडी धाम में परमहंस स्वामी सच्चिदानंद महाराज के महाप्रयाण पर श्रद्धा का महासंगम उमड़ा। मुख्यमंत्री समेत हजारों श्रद्धालुओं ने अंतिम दर्शन किए।
संगम की पावन रेती...चारों ओर साधु-संतों के शिविर, धूप-अगरबत्ती की खुशबू और श्रद्धा से भरी आवाजें...माघ मेले की इसी आध्यात्मिक हवा में एक अलग तस्वीर देखने को मिली। इटली से आई एक युवती अपने पिता के साथ भारतीय संतों के सानिध्य में बैठी दिखाई दी।
प्रयागराज महाकुंभ के बाद पहला माघ मेला आज से शुरू हो गया है। पहले दिन पौष पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के पावन संगम स्थल पर पौष पूर्णिमा के अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था और दान दोनों में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है। देश-विदेश से आने वाले भक्त अब पहले से कहीं अधिक संख्या में भगवान महाकाल के दर्शन कर रहे हैं और दिल खोलकर दान भी कर रहे हैं।
2025 धार्मिक घटनाक्रमों के लिहाज से बहुत उथल-पुथल के साथ की बड़े समारोह और उत्सवों का वर्ष रहा है। देश और दुनिया में धर्म को लेकर चर्चा चरम पर रही। अयोध्या में श्रीराम मंदिर पर वैदिक परंपराओं के पुनर्जागरण का विराट क्षण धर्म ध्वजा आरोरण में देखने को मिला।
कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। गंगा घाटों पर सुबह से ही गंगा स्नान, पूजा-अर्चना और दीपदान के लिए श्रद्घालुओं का तांता लगा रहा। ऐसी मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान से दस यज्ञ के बराबर पुण्य प्राप्त होता है। यह दिन सिख धर्म के लिए भी विशेष है।
देव प्रबोधिनी एकादशी पर मध्यप्रदेश की धरती भक्ति और प्रकाश से जगमगा उठी। चित्रकूट से अमरकंटक तक श्रीरामचंद्र पथ गमन के 9 स्थलों पर 3,51,111 दीपों की रोशनी प्रदेश आलोकित हुआ। हर घाट पर राममय आस्था का अनूठा नजारा दिखाई दिया।
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रहे कृष्णम्माचारी श्रीकांत सोमवार को उज्जैन पहुंचे। महाकाल मंदिर में तड़के होने वाली भस्म आरती में शामिल होकर उन्होंने भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। दो घंटे नंदी हाल में बैठकर आरती देखी। इस दौरान वे धोती कुर्ते में नजर आए।
चित्रकूट की पवित्र तपोस्थली गुप्त गोदावरी इन दिनों तनाव और हिंसा के साये में है। बीते 72 घंटों में यहां तीन बड़ी मारपीट की घटनाएं हुईं, जिनमें पुजारी और स्थानीय लोग घायल हुए, मगर पुलिस कार्रवाई अब तक शून्य है। सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना कैद होने के बावजूद प्रशासन और नगर परिषद के जिम्मेदार मौन हैं। श्रद्धालु और पुजारी अब सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, जबकि धार्मिक स्थल की गरिमा दांव पर है।






















