राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा-लव जिहाद जैसी घटनाओं को परिवार के भीतर संवाद मजबूत कर रोका जा सकता है। जब घर और परिवार में नियमित बातचीत होगी, तो ऐसी समस्याओं पर स्वत: अंकुश लगेगा। भोपाल के शिवनेरी भवन में आयोजित स्त्री शक्ति संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने ये बात कही।

भोपाल के शिवनेरी भवन में आयोजित स्त्री शक्ति संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा-लव जिहाद जैसी घटनाओं को परिवार के भीतर संवाद मजबूत कर रोका जा सकता है। जब घर और परिवार में नियमित बातचीत होगी, तो ऐसी समस्याओं पर स्वत: अंकुश लगेगा। भोपाल के शिवनेरी भवन में आयोजित स्त्री शक्ति संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने ये बात कही। कार्यक्रम की मूल भावना नारी तू ही नारायणी रही, जिसमें महिलाओं के सशक्तिकरण, प्रबोधन और सामाजिक जिम्मेदारी पर गंभीर विमर्श हुआ। मंच पर प्रांत संघचालक अशोक पांडेय और विभाग संघचालक सोमकांत उमालकर उपस्थित रहे।
परिवार के सदस्यों के बीच बातचीत की कमी
भागवत ने कहा- हमें यह सोचना चाहिए कि हमारी बेटी किसी अजनबी द्वारा कैसे बहकाई जा सकती है। परिवार के सदस्यों के बीच बातचीत की कमी और आपसी संवाद का अभाव इस समस्या में योगदान देता है। संघ प्रमुख ने कहा- जब परिवार में नियमित संवाद होता है, तो धर्म, संस्कृति और परंपरा के प्रति सम्मान स्वाभाविक रूप से विकसित हो जाता है। भागवत ने लव जिहाद को रोकने के लिए तीन महत्वपूर्ण कदम सुझाए। पहला-परिवार में निरंतर संवाद। दूसरा-लड़कियों में सतर्कता और आत्मरक्षा की भावना पैदा करना। तीसरा- ऐसे अपराध करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई। उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक संगठनों को ऐसी गतिविधियों के प्रति सजग रहना चाहिए और समाज को सामूहिक प्रतिरोध में उठ खड़ा होना चाहिए, तभी समाधान मिलेगा।
महिलाओं को अवसर देना होगा
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भागवत ने महिलाओं की भूमिका को समाज, संस्कृति और राष्ट्र की धुरी बताया। उन्होंने कहा-हमारा धर्म, संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था महिलाओं के कारण ही सुरक्षित है। अब वह समय नहीं रहा जब महिलाओं को केवल सुरक्षा के नाम पर घर तक सीमित रखा जाए। आज परिवार और समाज दोनों को स्त्री-पुरुष मिलकर आगे बढ़ाते हैं, इसलिए दोनों का वैचारिक प्रबोधन आवश्यक है। उन्होंने कहा-महिलाओं को अवसर देना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और उनके विचारों को मजबूती देना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन इसे और अधिक सशक्त बनाने की जरूरत है।
महिला को शक्ति गरिमा का प्रतीक
भागवत ने नारी की भूमिका को सीमित नहीं, बल्कि सशक्त बताते हुए कहा-भारतीय परंपरा में मातृत्व सर्वोच्च स्थान रखता है। भारतीय संस्कृति में महिला को शक्ति और गरिमा का प्रतीक माना गया है। रानी लक्ष्मीबाई जैसे उदाहरण बताते हैं कि भारतीय नारी हर काल में साहस और नेतृत्व का प्रतीक रही है। कुटुंब व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि परिवार को संतुलित और संवेदनशील बनाए रखने में महिलाओं की भूमिका निर्णायक होती है। पालनकर्ता और सृजनकर्ता के रूप में महिला ही परिवार की धुरी है। उन्होंने कहा कि स्व का भाव घर से समाज और राष्ट्र तक पहुंचाने में भी महिलाओं की अहम भूमिका होती है।
बच्चों पर असंभव अपेक्षाएं न थोपें
मानसिक स्वास्थ्य पर बोलते हुए भागवत ने कहा कि परिवार में कोई भी व्यक्ति अकेला महसूस न करे, यह जरूरी है। अपनापन और संवाद की कमी मानसिक तनाव का बड़ा कारण बनती है। बच्चों पर असंभव अपेक्षाएं न थोपने और उनकी रुचि के अनुसार मार्गदर्शन देने की उन्होंने सलाह दी। अंत में सरसंघचालक ने कहा कि देश की आधी आबादी महिलाएं हैं और जब मातृशक्ति पूरी तरह जागृत होकर आगे आएगी, तब समाज और राष्ट्र स्वत: सशक्त होंगे।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस का पर्व पूरे हर्षोल्लास और गरिमा के साथ मनाया जाएगा। राज्य स्तरीय मुख्य समारोह राजधानी भोपाल के ऐतिहासिक लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित होगा, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ध्वजारोहण करेंगे, परेड की सलामी लेंगे और प्रदेश की जनता को संबोधित करेंगे।
मध्य प्रदेश के मंडला जिले में ईओडब्ल्यू ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जबलपुर ईओडब्ल्यू की टीम ने बुधवार तड़के तीन बजे पश्चिम सामान्य वन मंडल में पदस्थ लिपिक (बाबू) स्वेतांक चौरसिया के आवास पर छापा मारा।
भोपाल नगर निगम ने आवासीय भवनों में कमर्शियल गतिविधियों पर 400 से अधिक लोगों को नोटिस दिए। वहीं, सामान्य कचरे में बायो-मेडिकल वेस्ट मिलाने पर राजीव नगर के बालाजी अस्पताल पर 50 हजार का जुर्माना लगाया गया है।
रक्षाबंधन और आगामी त्योहारों पर यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने हिसार-तिरुपति-हिसार एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त थर्ड एसी कोच अस्थायी रूप से जोड़ने का निर्णय लिया है।
कटनी की सीएसपी नेहा पच्चीसिया को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। एसपी द्वारा तीन थानों का प्रभार वापस लिए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। प्रशासनिक मामलों और प्रारंभिक जांच के बीच बढ़ी उनकी मुश्किलें।
सीधी के गोपद बनास तहसील में 69 हल्का पटवारियों से जुड़ी 221 शिकायतें सीएम हेल्पलाइन पर लंबित हैं। शिकायतों के समय पर निराकरण नहीं होने से लोगों की परेशानी बढ़ रही है और व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
सिंगरौली के बैढ़न एसबी कार्यालय में पदस्थ कार्यवाहक प्रधान आरक्षक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में गृह जिले के पास तबादला नहीं होने से अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
देवेन्द्रनगर के बड़ागांव में मिढ़ासन नदी पर स्थायी पुल नहीं होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। बारिश में जलस्तर बढ़ने से स्कूल, स्वास्थ्य और जरूरी काम प्रभावित होते हैं, ग्रामीणों ने पुल की मांग की।
स्वतंत्रता दिवस से पहले रेलवे चेकिंग के दौरान चित्रकूट आरपीएफ ने बेतवा एक्सप्रेस से 63 लाख रुपए नकद बरामद किए। सतना निवासी यात्री रकम के दस्तावेज नहीं दिखा सका, मामला आयकर विभाग को सौंपा।
एमपी-यूपी सीमा के जंगलों में संदिग्ध असलहाधारियों की गतिविधियों की सूचना से पुलिस अलर्ट हुई। सतना पुलिस ने ग्रामीणों, चरवाहों और किसानों से जानकारी जुटाकर जंगलों में सर्चिंग की और संदिग्धों की तलाश तेज की।