उत्तर प्रदेश के चित्रकूट के बरगढ़ कस्बे में कपड़ा व्यापारी के 13 वर्षीय पुत्र का अपहरण कर 40 लाख फिरौती नहीं मिलने पर अपहर्ताओं ने उसकी हत्या कर दी गई। किशोर का शव शुक्रवार सुबह घर से कुछ दूर खून से लथपथ अवस्था में मिला।
By: Arvind Mishra
Jan 23, 202611:21 AM
चित्रकूट। स्टार समाचार वेब
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट के बरगढ़ कस्बे में कपड़ा व्यापारी के 13 वर्षीय पुत्र का अपहरण कर 40 लाख फिरौती नहीं मिलने पर अपहर्ताओं ने उसकी हत्या कर दी गई। किशोर का शव शुक्रवार सुबह घर से कुछ दूर खून से लथपथ अवस्था में मिला। इधर पुलिस और अपहरणकर्ताओं के बीच मुठभेड़ में प्रयागराज के कर्मा का रहने वाला एक आरोपी कल्लू गोली लगने से ढेर हो गया, जबकि दूसरे इरफान के पैर में गोली लगी है। तीसरा भाग निकला। सभी आरोपित कर्मा के ही रहने वाले हैं। घटना से नाराज लोग झांसी-मीरजापुर हाईवे पर जाम लगाकर नारेबाजी कर रहे।
40 लाख मांगी थी फिरौती
बरगढ़ बाजार में कपड़े की दुकान चलाने वाले अशोक कुमार केसरवानी का पुत्र आयुष गुरुवार शाम करीब छह बजे कोचिंग पढ़ने गया था, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटा। परिजनों ने अपने स्तर से उसकी तलाश शुरू की। देर शाम अपहरणकर्ताओं ने फोन कर 40 लाख रुपए की फिरौती की मांग की।
पुलिस रही तैनात
घबराए परिजनों ने पुलिस को बताया। पुलिस के सक्रिय होते ही अपहरणकर्ताओं ने किशोर की हत्या कर दी। शुक्रवार सुबह करीब चार आयुष का शव मिलने के बाद इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
40 लाख दो, वरना बच्चे को मार देंगे’
बरगढ़ बाजार में कारोबारी अशोक केसरवानी परिवार के साथ रहते हैं। कारोबारी का कहना है कि गुरुवार शाम को बेटा आयुष घर के बाहर खेल रहा था। कुछ देर बाद वह लापता हो गया। हम लोगों ने खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। गुरुवार रात 8 बजे फिरौती की कॉल आई। कॉलर ने बेटे को छोड़ने के लिए 40 लाख की फिरौती मांगी। कहा- जल्द पैसे भेजो, नहीं तो बच्चे को मार देंगे। हमने पुलिस को सूचना दी। रातभर हम लोग पुलिस के साथ बच्चे की तलाश करते रहे, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। पुलिस ने जिस वॉट्सऐप नंबर से कॉल आई थी, उसकी लोकेशन ट्रेस की तो कारोबारी के घर से 100 मीटर दूर मिली। इसके बाद पुलिस इरफान के घर पहुंची। वहां एक बक्सा मिला, जिस पर ताला लगा हुआ था। पुलिस ने ताला तुड़वाया। उसके अंदर आयुष का शव बरामद हुआ।
बाइक सिखाने के बहाने किया किडनैप
एसएसपी सत्यपाल सिंह ने बताया, प्रयागराज के शंकरगढ़ के रहने वाले कल्लू और इरफान कारोबारी के घर किराए पर रहते थे। 10 सितंबर को कारोबारी ने घर खाली कर दिया था। इसके बाद दोनों कारोबारी के घर से 100 मीटर दूर दूसरे मकान में किराए पर रहने लगे। बदमाशों ने अशोक से किला चौराहे पर दुकान भी किराए पर ले रखी थी, जहां दोनों बक्सा बनाने का काम करते थे। इरफान और कल्लू पिछले कई दिनों से आयुष के अपहरण की फिराक में थे। दोनों पिछले कई दिनों से आयुष को बाइक चलाना सिखा रहे थे। कल आयुष को साइकिल सिखाने के बहाने ही दोनों ने अपहरण किया था।
इरफान बोला- मैंने नहीं मारा, कल्लू ने मारा

पकड़े जाने के बाद आरोपी इरफान ने कहा, मैं किला चौराहे के पास दुकान चलाता हूं। एल्युमिनियम के बक्से बनाता हूं। मेरा इस मामले से कुछ लेना-देना नहीं है। मेरी दुकान पर काम करने वाले कल्लू ने ही अपहरण किया था। उसी ने आयुष को मारा है।