मरीज अब दवाओं की कीमतों के संबंध में पारदर्शिता देख पाएंगे और उन्हें बार-बार अनावश्यक खर्च से बचाया जा सकेगा। सरकार का यह कदम स्वास्थ्य प्रणाली में पारदर्शिता लाने और आम जनता की वित्तीय सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

केंद्र ने अब कई जरूरी दवाओं के खुदरा मूल्य तय कर दिए हैं।
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
महंगी दवाओं से राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्र ने अब कई जरूरी दवाओं के खुदरा मूल्य तय कर दिए हैं, जिससे मरीजों को अस्पताल और फामेर्सी में अनावश्यक खर्च से बचाव मिलेगा। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने इस दिशा में स्पष्ट आदेश जारी किया है कि सभी निर्माता और वितरक तय कीमतों की सूची सरकार, राज्य औषधि नियंत्रक और डीलरों को सौंपें। विशेषज्ञों के अनुसार, इस पहल से मरीजों को महंगी दवाओं पर राहत मिलेगी और फार्मेसी पर अनुचित मुनाफाखोरी पर लगाम लगेगी। मरीज अब दवाओं की कीमतों के संबंध में पारदर्शिता देख पाएंगे और उन्हें बार-बार अनावश्यक खर्च से बचाया जा सकेगा। सरकार का यह कदम स्वास्थ्य प्रणाली में पारदर्शिता लाने और आम जनता की वित्तीय सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। दरअसल, सरकार ने लोगों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने 42 सामान्य औषधियों के खुदरा मूल्य तय कर दिए हैं। इसमें ब्रॉड-स्पेक्ट्रम एंटीबायोटिक और इप्का लेबोरेट्रीज शामिल हैं। इन दवाइयों का उपयोग आम तौर पर अंग प्रत्यारोपण के बाद किया आर्गन रिजेक्शन रोकने के लिए किया जाता है। मेरोपेनम और सुलबैक्टम इंजेक्शन की खुदरा कीमत 1,938.59 रुपए प्रति शीशी है।
माइकोफेनोलेट मोफेटिल की कीमत 131.58 रुपए प्रति टैबलेट है। बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज में उपयोग की जाने वाली एबॉट हेल्थकेयर की क्लैरिथ्रोमाइसिन एक्सटेंडेड-रिलीज टैबलेट की कीमत अब 71.71 रुपए प्रति टैबलेट है। इसी साल फरवरी में राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने फरवरी में ही आदेश जारी किया था।
वहीं, इस संबंध में एक अधिकारी की ओर से बताया गया कि मूल्य सूची प्रदर्शित करने का आदेश इसलिए है, जिससे आम नागरिक जांच सके कि फार्मसी दवाएं एनपीपीए द्वारा तय कीमत पर ही बेची जा रही है या नहीं। एनपीपीए ने अपने आदेश में कहा कि हर खुदरा विक्रेता और डीलर को मूल्य सूची और अनुपूरक सूची सार्वजिन स्थान पर भी लगानी होगी। यह सूची साफ-साफ और आसानी से दिखने वाली जगह पर होनी चाहिए।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

मध्यप्रदेश: बैंक ऑफ बड़ौदा ब्लैक लिस्ट... सरकारी लेनदेन पर प्रतिबंध

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में करारी हार ने तृणमूल कांग्रेस को खत्म करने की कगार पर पहुंचा दिया है। ममता बनर्जी के 80 विधायकों में से 58 विधायकों ने अपना अलग गुट तैयार कर लिया और उसके बाद दिल्ली में भी करीब 20 सांसद टीएमसी से अलग हो गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। मोदी अब देश में लगातार शासन करने वाले सबसे लंबी अवधि के चुने हुए प्रधानमंत्री बन गए हैं। 10 जून को लगातार सत्ता में रहते हुए उन्हें 4399 दिन हो चुके हैं। इस तरह उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का चुनाव जीतने के बाद लगातार 4398 दिन तक पीएम रहने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
जम्मू-कश्मीर में उरी के कमलकोट में नियंत्रण रेखा के पास धमाका हो गया। इस ब्लास्ट में सेना के दो जवान शहीद हो गए। मंगलवार देर शाम उरी के कमलकोट में एलओसी के पास हुए एक अचानक धमाके में सेना के दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
पीएम मोदी के नेतृत्व में NDA सरकार के 12 साल पूरे होने पर 10 जून को दिल्ली के भारत मंडपम में बड़ी बैठक होने जा रही है। पीएम मोदी ने चुनाव जीतकर सबसे लंबे समय तक पीएम रहने का नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जानिए NCP के कार्यक्रम में क्या बदलाव हुआ।
जयपुर के खोह नागोरियान में एक अवैध पटाखा गोदाम में भीषण आग लगने से बच्चे सहित 4 लोगों की मौत हो गई और 4 मजदूर 95% तक झुलस गए। विधायक ने पुलिस प्रशासन पर उठाए सवाल।
मध्यप्रदेश के पड़ोसी राज्य राजस्थान में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। बीकानेर जिले के पीबीएम अस्पताल में भी डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई है। दरअसल, बीकानेर में सिजेरियन प्रसव के बाद एक के बाद एक छह महिलाओं की हालत बिगड़ गई।
महाराष्ट्र के जलगांव जिले से एक भीषण सड़क हादसा हो गया। आज यानी मंगलवार को सुबह एक तेज रफ्तार कार और बाइक के बीच हुई भिड़ंत में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है। पुलिस ने घटना की पुष्टि की है।
कर्नाटक में नया सीएम बनते ही विभागों को लेकर कलह शुरू हो गई है। पहले रामलिंगा रेड्डी ने शपथ लेने के दो दिन बाद इस्तीफा दे दिया और काफी मान-मनौव्वल के बाद उसे वापस लिया। अब मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा भी अपनी शिकायतें लेकर कांग्रेस आलाकमान से मिलने दिल्ली पहुंचे हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को आइना दिखाया। अफगानिस्तान की स्थिति पर आयोजित बैठक के दौरान भारत ने पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे फिटना अल हिंदुस्तान शब्द को सरकारी स्तर पर फैलाया जा रहा दुष्प्रचार करार दिया।
खान ग्लोबल स्टडीज के डायरेक्टर फैजल खान उर्फ खान सर को पटना सिविल कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। जिला जज की अदालत में सुनवाई के बाद उनकी गिरफ्तारी पर कोर्ट ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है। पुलिस से केस डायरी की मांग की गई है।