उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति के बाद योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल के विस्तार पहले सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। नये वर्ष पर मुख्यमंत्री योगी और पीएम मोदी के बीच पहली मुलाकात करीब एक घंटे की रही।
By: Arvind Mishra
Jan 05, 20262:20 PM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति के बाद योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल के विस्तार पहले सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। नये वर्ष पर मुख्यमंत्री योगी और पीएम मोदी के बीच पहली मुलाकात करीब एक घंटे की रही। इस मुलाकात को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं कि पीएम मोदी से सीएम योगी ने मंत्रिमंडल के विस्तार पर चर्चा की है। दरअसल, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ दिल्ली दौरे पर हैं। सोमवार को उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की है। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद सीएम योगी गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात करेंगे। इन मुलाकातों के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो चली हैं।
नबीन से भी करेंगे मुलाकात
बीते दिनों सीएम योगी के आवास पर भाजपा के नवनियुक्त अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ इस मामले पर लंबी बैठक हुई थी। आज इसी सिलसिले में सीएम योगी भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात करेंगे। राजनीतिक गलियारों से चचार्एं यह भी आ रही हैं कि नितिन नबीन के साथ सीएम कैबिनेट के विस्तार पर भी चर्चा कर सकते हैं।
लखनऊ में हो चुकी लंबी बैठक
उत्तरप्रदेश में कैबिनेट विस्तार की अटकलें काफी समय से चल रही हैं। पंकज चौधरी के अध्यक्ष बनने के बाद नए सिरे से पार्टी और संगठन में नेताओं का समायोजन होना था। ऐसा माना जा रहा है कि पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के साथ कई नए चेहरों को कैबिनेट में जगह मिल सकती है।
पीएम 11 जनवरी को जाएंगे सोमनाथ
इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर का दौरा करेंगे। इस दौरान वे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में भाग लेंगे, जो 8 जनवरी से 11 जनवरी तक आयोजित किया जा रहा है। इस चार दिवसीय आयोजन में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों की श्रृंखला चलेगी। इस अवसर पर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत साल भर चलने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का उद्देश्य भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, आस्था और आत्मसम्मान के भाव को सशक्त करना है। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, आध्यात्मिक प्रवचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सामाजिक जागरूकता से जुड़े आयोजन किए जाएंगे।