विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल को राखी बंधने के साथ ही रक्षाबंधन पर्व की शुरुआत हो गई। अमर पुजारी के परिवार की महिलाओं द्वारा तैयार की गई खास राखी उन्हें अर्पित की गई है। महाकाल को जो राखी बांधी गई है उसमें मखमल का कपड़ा, रेशमी धागा और मोती का उपयोग हुआ है। राखी पर भगवान गणेश जी विराजित हैं।

बाबा महाकाल को राखी बांधकर उन्हें सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया गया।

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल को राखी बंधने के साथ ही रक्षाबंधन पर्व की शुरुआत हो गई। अमर पुजारी के परिवार की महिलाओं द्वारा तैयार की गई खास राखी उन्हें अर्पित की गई है। महाकाल को जो राखी बांधी गई है उसमें मखमल का कपड़ा, रेशमी धागा और मोती का उपयोग हुआ है। राखी पर भगवान गणेश जी विराजित हैं। शनिवार को सबसे पहले तड़के 3 बजे भस्म आरती के लिए पट खोले गए। इसके बाद पंचामृत से अभिषेक किया गया। भस्म आरती के दौरान ही उन्हें विशेष श्रृंगार के साथ राखी अर्पित की गई। दरअसल, रक्षाबंधन के पावन अवसर पर आज कालों के काल बाबा महाकाल के दरबार में सबसे पहले बाबा महाकाल को राखी बांधकर उन्हें सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया गया। प्रतिवर्ष बाबा महाकाल को पुजारी परिवार द्वारा सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया जाता है जिसे एक सप्ताह में मंदिर परिसर में ही तैयार किया जाता है।
महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि पुजारी परिवार द्वारा आज बाबा महाकाल को लगाई गई सवा लाख लड्डूओ की भोग प्रसादी का वितरण भक्तों को प्रसाद स्वरूप मे किया गया। बाबा महाकाल की इस प्रसादी को पाकर भक्त तो खुश हो ही गए, लेकिन यह वही प्रसादी है जिसे खाने के बाद ही महाकाल के भक्त श्रावण मास में रखे गए उपवास को खोलते हैं। सुबह महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस प्रसादी को ग्रहण करने के साथ ही एक माह के अपने उपवास को समाप्त किया।
भगवान महाकाल को राखी बांधने बाद भस्मआरती के दौरान ही सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया गया। इस महाभोग की तैयारी पिछले चार दिनों से चल रही है। मंगलवार से ही मंदिर में पुजारी कक्ष के पीछे भट्टी पूजन के साथ लड्डू बनाना शुरू हो गया था। लड्डू निर्माण करने वाले हलवाई ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि वे पिछले 12 वर्षों से रक्षाबंधन पर्व पर महाकाल के लिए लड्डू बना रहे हैं। इस लड्डू के निर्माण में 60 डिब्बे देसी घी, 40 क्विंटल बेसन, 40 क्विंटल शकर बुरा और 25 किलो ड्राई फ्रूट शामिल किए गए।
-इंदौर-कोलकाता के कारीगरों ने रातभर में बनाई

इधर, जनता के सुख, समृद्धि, ऐश्वर्य और देश के वीर सैनिकों की रक्षा की मनोकामना के साथ रक्षाबंधन के पर्व पर शनिवार को इंदौर में विश्व प्रसिद्ध भगवान खजराना गणेश को 196 वर्गफीट की विशाल राखी बांधी गई। राखी बांधते समय पंडितों ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया। खास बात यह कि यह राखी अलग-अलग शहरों से लाए गए फूलों से इंदौर और कोलकाता के कारीगरों ने रातभर में तैयार की गई है, जिसमें पांच दिन तक ताजगी रहेगी। राखी श्री विघ्नहर्ता गणेश भक्त समिति ने बनाई है। समिति के संस्थापक राजेश बिड़कर और राहुल शर्मा ने बताया कि यह लगातार नौवां वर्ष है जब विशाल राखी श्री गणेश को अर्पित की गई। राखी अर्पित करने की शुरूआत आठ साल पहले की गई थी, तब 66 (36 वर्ग फीट) की राखी बनाई गई थी। उनका कहना है कि जब खजराना गणेश की स्थापना हुई तो उनका स्वरूप काफी छोटा था। फिर धीरे-धीरे बढ़ते गया। इसी तरह हर साल राखी का साइज भी बढ़ाया गया। इस बार 1414 (196) वर्ग फीट की राखी बनाई गई। इसकी डोर मंदिर के चारों ओर घुमाकर बांधी गई। उनका दावा है कि यह राखी दुनिया की सबसे बड़ी राखी है।


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