विंध्य के छह जिलों में पीडीएस व्यवस्था सुस्त, 17 दिनों में केवल 24-32% राशन वितरण। गोदाम से आपूर्ति के बावजूद हितग्राही वंचित, व्यवस्थागत खामियों और लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल।
विंध्य क्षेत्र के छह जिलों में राशन कार्ड ई-केवाईसी अभियान अभी अधूरा है। 56 लाख से अधिक सदस्यों में करीब 3.17 लाख का सत्यापन बाकी है। प्रशासन के दावों के बावजूद कई जिलों में प्रक्रिया धीमी बनी हुई है।
मार्च 2026 के राशन वितरण से पहले विंध्य के छह जिलों में गेहूं-चावल का उठाव बेहद धीमा है। डिस्पैच और दुकानों तक वास्तविक पहुंच के आंकड़े चिंता बढ़ा रहे हैं।
संभाग के छह जिलों में खाद्यान्न आवंटन के बाद डिस्पैच और वास्तविक वितरण के आंकड़ों में गंभीर अंतर सामने आया है। जहां 40 से 60 फीसदी तक खाद्यान्न का डिस्पैच दर्ज हुआ, वहीं उचित मूल्य दुकानों तक पहुंचते-पहुंचते यह औसतन 20 से 36 फीसदी रह गया।
सतना जिले में खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था सुस्त साबित हो रही है। टोकन मिलने के बाद भी 1300 से ज्यादा किसान खाद के लिए लंबी कतारों में इंतजार को मजबूर हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और सीएम डॉ. मोहन यादव सोमवार रात उज्जैन पहुंचे। रात में नड्डा ने भगवान महाकाल के दर्शन किए और शयन आरती में शामिल हुए। इसके बाद आज यानी मंगलवार सुबह सीएम के साथ मिलकर नंदी हाल में 20 मिनट तक पूजन किया औ गर्भगृह में भी भगवान का पूजन-अर्चन किया।
बीती देर रात कलेक्टरों और एसपी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर सीएम ने कहा कि प्रदेश में नागरिकों का सामान्य जन-जीवन सुनिश्चित करने के लिए सभी तरह के अपराधों पर पूर्ण नियंत्रण किया जाए। कानून व्यवस्था की जिले में अच्छी और आदर्श स्थिति रहे, यह कलेक्टर-एसपी सुनिश्चित करें।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 16 जिलों के उपभोक्ता 1-31 दिसंबर तक धारा 126 के लंबित बिजली बिल मामलों में लोक अदालत जैसी छूट प्राप्त करें। आकलित राशि पर 20% और ब्याज पर 100% तक की छूट। ऑनलाइन (portal.mpcz.in) या ऑफलाइन आवेदन की सुविधा।
मुख्यमंत्री ने समेकित छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों के खातों में 303 करोड़ की राशि का आनलाइन अंतरण किया। समारोह का अयोजन मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व सभागार में किया गया था। यहां सबसे खास बात यह है कि स्कॉलरशिप अप्रैल में दी जाती थी, लेकिन इस बार अक्टूबर में ही दी गई है।
बिहार में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। सभी दलों ने अपने-अपने प्रत्याशी भी घोषित कर दिए हैं। चुनाव-प्रचार चरम पर पहुंच रहा है। वहीं महागठबंधन में खटपट थमने का नाम नहीं ले रही है। गठबंधन दलों के बीच आपसी सहमती नहीं बन सकी है। राजद और कांग्रेस के बीच आपसी मतभेद है।






















