संभाग के छह जिलों में खाद्यान्न आवंटन के बाद डिस्पैच और वास्तविक वितरण के आंकड़ों में गंभीर अंतर सामने आया है। जहां 40 से 60 फीसदी तक खाद्यान्न का डिस्पैच दर्ज हुआ, वहीं उचित मूल्य दुकानों तक पहुंचते-पहुंचते यह औसतन 20 से 36 फीसदी रह गया।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
खाद्यान्न आवंटन के बाद उठाव और वास्तविक वितरण के आंकड़ों में बड़ा अंतर देखने को मिला है। संभाग के छह जिलों में खाद्यान्न का डिस्पैच 40 से 60 फीसदी के बीच दर्ज किया गया, लेकिन उचित मूल्य दुकानों तक पहुंचते-पहुंचते यह आंकड़ा 20 फीसदी तक गिर गया। सिंगरौली, मऊगंज और सीधी जिलों में यह अंतर सबसे अधिक है।
जिले को फरवरी माह में 4360 मीट्रिक टन गेहूं, 1107 मीट्रिक टन चावल, 33 मीट्रिक टन शक्कर और 222 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड नमक का आवंटन किया गया। इसमें से 52 फीसदी गेहूं और 50 फीसदी चावल का डिस्पैच हुआ, जबकि औसत डिस्पैच 51 फीसदी रहा। एफपीएस तक वास्तविक प्राप्ति की बात करें तो गेहूं 32 फीसदी, चावल 35 फीसदी और औसत मात्र 34 फीसदी ही पहुंच सका। रीवा जिले में स्थिति सतना से थोड़ी बेहतर रही। जिले को 4943 मीट्रिक टन गेहूं और 1322 मीट्रिक टन चावल आवंटित हुआ। यहां डिस्पैच का औसत 58 फीसदी दर्ज किया गया, जबकि एफपीएस तक औसतन 36 फीसदी खाद्यान्न ही पहुंच पाया। हालांकि वितरण की गति में सुधार की संभावना जताई जा रही है।
सीधी और सिंगरौली के हाल
सीधी जिले को 3405 मीट्रिक टन गेहूं और 2058 मीट्रिक टन चावल मिला। डिस्पैच औसतन 36 फीसदी रहा, जबकि एफपीएस तक मात्र 23 फीसदी खाद्यान्न ही पहुंच सका। यह स्थिति जिले में परिवहन और लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है। सिंगरौली जिले में 3399 मीट्रिक टन गेहूं और 2083 मीट्रिक टन चावल का आवंटन किया गया। डिस्पैच का औसत 63 फीसदी रहा, लेकिन एफपीएस तक औसतन 33 फीसदी ही सामग्री पहुंची। यानी डिस्पैच और वितरण के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है।
मैहर और मऊगंज की स्थिति
मैहर जिले को 2419 मीट्रिक टन गेहूं और 677 मीट्रिक टन चावल मिला। यहां गेहूं का डिस्पैच 50 फीसदी और चावल का 70 फीसदी रहा, जबकि औसत डिस्पैच 60 फीसदी दर्ज हुआ। एफपीएस तक औसतन 36 फीसदी खाद्यान्न पहुंच सका। मऊगंज जिले में 2144 मीट्रिक टन गेहूं और 594 मीट्रिक टन चावल आवंटित हुआ। डिस्पैच का औसत 43 फीसदी रहा, लेकिन एफपीएस तक केवल 22 फीसदी सामग्री पहुंची, जो चिंता का विषय है।
जिलेवार परफार्मेंस
टॉप
रीवा : 36%
डिस्पैच: 58%
वितरण अपेक्षाकृत बेहतर, सुधार की गुंजाइश बनी
मैहर : 36%
डिस्पैच: 60%
चावल उठाव बेहतर
गेहूं में सुस्ती
सतना : 34%
डिस्पैच: 51%
ब्लॉक स्तर पर असमान वितरण
बॉटम
मऊगंज : 22%
डिस्पैच: 43%
परिवहन और लोडिंग में देरी
सीधी : 23%
डिस्पैच: 36%
लॉजिस्टिक बाधाएं बनी बड़ी वजह
सिंगरौली : 33%
डिस्पैच: 63%
डिस्पैच-वितरण में सबसे ज्यादा गैप
(एफपीएस तक औसत प्राप्ति के आधार पर)

हनुमान जयंती 2026 के अवसर पर आज मध्य प्रदेश के भोपाल में यातायात प्रभावित रहेगा. शाम 4 बजे से ट्रैफिक पूरी तरह से प्रभावित रहेगा. मध्य प्रदेश ट्रैफिक पुलिस ने भोपाल के लिए रूट डायवर्जन प्लान जारी किया है. घर से निकलने से पहले डायवर्टेड रूट के बारे में जरूर जान लें.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण किया। सिंहस्थ-2028 के लिए क्राउड मैनेजमेंट और सुशासन को लेकर MP-UP के बीच नई रणनीति तैयार।
रीवा-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एक्सप्रेस को नियमित करने की मंजूरी मिल गई है। चार साल से एक्सटेंशन पर चल रही ट्रेन जल्द नियमित होगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
रीवा के लोही गांव में वृद्ध महिला की बेरहमी से हत्या कर सिर काटकर ले जाया गया। पुलिस ने सर्च में सिर बरामद किया, मामले की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
रीवा में अमहिया रोड चौड़ीकरण से पहले प्रशासन सख्त हुआ। करीब 200 दुकानें प्रभावित हैं। दुकानदारों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए, अन्यथा बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सिंगरौली के मुहेर गांव में नल-जल योजना विफल होने से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जल संकट गहराने से बीमारियों का खतरा बढ़ा, प्रशासन की अनदेखी पर लोगों में भारी आक्रोश है।
सिंगरौली के मुहेर गांव में नल-जल योजना विफल होने से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जल संकट गहराने से बीमारियों का खतरा बढ़ा, प्रशासन की अनदेखी पर लोगों में भारी आक्रोश है।
रामनगर सीएचसी में ब्लड स्टोरेज सेंटर का लाइसेंस खत्म होने से मरीजों को सतना तक 70 किमी जाना पड़ रहा है। संसाधनों की कमी से सुविधा शुरू नहीं हो सकी, जिससे गंभीर मरीजों को परेशानी हो रही है।
सतना के उचेहरा में मजदूरी मांगने पर अधेड़ की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि पहले शराब पिलाई गई और फिर पीट-पीटकर घायल किया गया, जिसकी अस्पताल में मौत हो गई।
रीवा संभाग में गेहूं उत्पादन 4.19 लाख एमटी अनुमानित है। सतना और रीवा आगे हैं, जबकि मऊगंज और सिंगरौली पीछे। पंजीकृत किसानों में से केवल आधे ही समर्थन मूल्य पर उपज बेच पाएंगे।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह