संभाग के छह जिलों में खाद्यान्न आवंटन के बाद डिस्पैच और वास्तविक वितरण के आंकड़ों में गंभीर अंतर सामने आया है। जहां 40 से 60 फीसदी तक खाद्यान्न का डिस्पैच दर्ज हुआ, वहीं उचित मूल्य दुकानों तक पहुंचते-पहुंचते यह औसतन 20 से 36 फीसदी रह गया।
By: Yogesh Patel
Feb 10, 20268:23 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
खाद्यान्न आवंटन के बाद उठाव और वास्तविक वितरण के आंकड़ों में बड़ा अंतर देखने को मिला है। संभाग के छह जिलों में खाद्यान्न का डिस्पैच 40 से 60 फीसदी के बीच दर्ज किया गया, लेकिन उचित मूल्य दुकानों तक पहुंचते-पहुंचते यह आंकड़ा 20 फीसदी तक गिर गया। सिंगरौली, मऊगंज और सीधी जिलों में यह अंतर सबसे अधिक है।
जिले को फरवरी माह में 4360 मीट्रिक टन गेहूं, 1107 मीट्रिक टन चावल, 33 मीट्रिक टन शक्कर और 222 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड नमक का आवंटन किया गया। इसमें से 52 फीसदी गेहूं और 50 फीसदी चावल का डिस्पैच हुआ, जबकि औसत डिस्पैच 51 फीसदी रहा। एफपीएस तक वास्तविक प्राप्ति की बात करें तो गेहूं 32 फीसदी, चावल 35 फीसदी और औसत मात्र 34 फीसदी ही पहुंच सका। रीवा जिले में स्थिति सतना से थोड़ी बेहतर रही। जिले को 4943 मीट्रिक टन गेहूं और 1322 मीट्रिक टन चावल आवंटित हुआ। यहां डिस्पैच का औसत 58 फीसदी दर्ज किया गया, जबकि एफपीएस तक औसतन 36 फीसदी खाद्यान्न ही पहुंच पाया। हालांकि वितरण की गति में सुधार की संभावना जताई जा रही है।
सीधी और सिंगरौली के हाल
सीधी जिले को 3405 मीट्रिक टन गेहूं और 2058 मीट्रिक टन चावल मिला। डिस्पैच औसतन 36 फीसदी रहा, जबकि एफपीएस तक मात्र 23 फीसदी खाद्यान्न ही पहुंच सका। यह स्थिति जिले में परिवहन और लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है। सिंगरौली जिले में 3399 मीट्रिक टन गेहूं और 2083 मीट्रिक टन चावल का आवंटन किया गया। डिस्पैच का औसत 63 फीसदी रहा, लेकिन एफपीएस तक औसतन 33 फीसदी ही सामग्री पहुंची। यानी डिस्पैच और वितरण के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है।
मैहर और मऊगंज की स्थिति
मैहर जिले को 2419 मीट्रिक टन गेहूं और 677 मीट्रिक टन चावल मिला। यहां गेहूं का डिस्पैच 50 फीसदी और चावल का 70 फीसदी रहा, जबकि औसत डिस्पैच 60 फीसदी दर्ज हुआ। एफपीएस तक औसतन 36 फीसदी खाद्यान्न पहुंच सका। मऊगंज जिले में 2144 मीट्रिक टन गेहूं और 594 मीट्रिक टन चावल आवंटित हुआ। डिस्पैच का औसत 43 फीसदी रहा, लेकिन एफपीएस तक केवल 22 फीसदी सामग्री पहुंची, जो चिंता का विषय है।
जिलेवार परफार्मेंस
टॉप
रीवा : 36%
डिस्पैच: 58%
वितरण अपेक्षाकृत बेहतर, सुधार की गुंजाइश बनी
मैहर : 36%
डिस्पैच: 60%
चावल उठाव बेहतर
गेहूं में सुस्ती
सतना : 34%
डिस्पैच: 51%
ब्लॉक स्तर पर असमान वितरण
बॉटम
मऊगंज : 22%
डिस्पैच: 43%
परिवहन और लोडिंग में देरी
सीधी : 23%
डिस्पैच: 36%
लॉजिस्टिक बाधाएं बनी बड़ी वजह
सिंगरौली : 33%
डिस्पैच: 63%
डिस्पैच-वितरण में सबसे ज्यादा गैप
(एफपीएस तक औसत प्राप्ति के आधार पर)