मोदी सरकार ने एयरलाइंस पर शिकंजा कसते हुए कई अहम निर्देश जारी किए हैं. नए नियमों के मुताबिक फ्लाइट लेट हो, कैंसिल हो या बोर्डिंग से रोका जाए, एयरलाइंस को यात्री अधिकारों का सख्ती से पालन करना होग।
By: Arvind Mishra
Mar 18, 202612:47 PM

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
मोदी सरकार ने एयरलाइंस पर शिकंजा कसते हुए कई अहम निर्देश जारी किए हैं. नए नियमों के मुताबिक फ्लाइट लेट हो, कैंसिल हो या बोर्डिंग से रोका जाए, एयरलाइंस को यात्री अधिकारों का सख्ती से पालन करना होग। दरअसल,भारत में हवाई यात्रियों को जल्द ही छिपे हुए खर्चों से बड़ी राहत मिल सकती है, क्योंकि सरकार ने सीट चुनने पर लगने वाले एक्स्ट्रा चार्ज पर रोक लगाने और सभी एयरलाइंस में यात्रियों के अधिकारों को और मजबूत करने के लिए कदम उठाए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइन आॅपरेटरों को निर्देश दिया है कि वे यह तय करें कि किसी भी फ्लाइट में करीब 60 फीसदी सीटें चुनने के लिए मुफ्त में उपलब्ध हों। इसका मतलब है कि वेब चेक-इन या सीट सिलेक्शन के दौरान यात्रियों से वसूले जाने वाले एक्स्ट्रा शुल्क पर लगाम लगेगी।
सहज और पारदर्शी यात्रा
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा जारी इस आदेश का मकसद हवाई यात्रा को ज्यादा सहज और पारदर्शी बनाना है। कई एयरलाइंस टिकट बुक करने के बाद या वेब चेक-इन के दौरान पसंदीदा सीट चुनने के लिए एक्स्ट्रा चार्ज ले रही थीं। नए निर्देश का मकसद इस तरह एक्टिविटीज पर लगाम लगाना और यात्रियों को बेहतर सुविधा मुहैया करवाना है।
साथ बैठेंगे एक ही बुकिंग वाले यात्री
मंत्रालय ने एयरलाइंस से यह भी तय करने को कहा है कि एक ही पीएनआर पर सफर करने वाले यात्री साथ बैठें और हो सके तो उन्हें आस-पास की सीटें ही अलॉट हों। इससे उन परिवारों और ग्रुप्स को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अक्सर एक-दूसरे के पास सीटें पाने के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ते थे।
अब भ्रम हो जाएगा दूर
एयरलाइंस को सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए, खेल के सामान और म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स को ले जाने की सुविधा पारदर्शी और यात्री-अनुकूल तरीके से देनी होगी। उनसे यह भी कहा गया है कि वे पालतू जानवरों को ले जाने के बारे में साफ नीतियां प्रकाशित करें। यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें यात्रियों के बीच अक्सर भ्रम की स्थिति बनी रहती है।
अधिकारों और पारदर्शिता पर फोकस
सरकार ने यात्रियों के अधिकारों का सख्ती से पालन करने की जरूरत पर जोर दिया है, खासकर तब जब उड़ान में देरी हो, उड़ान रद्द हो जाए या यात्रियों को बोर्डिंग से रोक दिया जाए। एयरलाइंस को अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप, बुकिंग प्लेटफॉर्म और एयरपोर्ट्स के काउंटरों पर इन अधिकारों को साफ-साफ दिखाना होगा। ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच स्थापित करने के लिए यात्रियों को उनके अधिकारों के बारे में क्षेत्रीय भाषाओं में भी जानकारी दी जानी चाहिए।
घरेलू एविएशन सेक्टर तेजी से बढ़ा
भारत का घरेलू एविएशन सेक्टर तेजी से बढ़ा है और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार बन गया है। यहां के हवाई अड्डों पर रोजाना पांच लाख से ज्यादा यात्री आते-जाते हैं। ऐसे में मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया है कि यात्रियों को सुविधाएं देना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मंत्रालय ने यूडीएएन यात्री कैफे जैसी पहलों का जिक्र किया है, जहां हवाई अड्डों पर किफायती खाना और मुफ्त बाईफाई की सुविधा मिलती है।