प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में सेवानिवृत्त हो रहे सांसदों के विदाई सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता। उन्होंने निवर्तमान सांसदों के योगदान को सराहा और विधायी बहसों और राष्ट्र-निर्माण में उनकी भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा- सदन के अंदर अनेक विषयों पर चर्चाएं होती हैं।
By: Arvind Mishra
Mar 18, 202612:03 PM
सेवानिवृत्त सांसदों की विदाई सत्र को पीएम ने किया संबोधित
निवर्तमान सांसदों के योगदान और अनुभव की सराहना की
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में सेवानिवृत्त हो रहे सांसदों के विदाई सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता। उन्होंने निवर्तमान सांसदों के योगदान को सराहा और विधायी बहसों और राष्ट्र-निर्माण में उनकी भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा- सदन के अंदर अनेक विषयों पर चर्चाएं होती हैं। हर किसी का महत्वपूर्ण योगदान होता है, कुछ खट्टे मीठे अनुभव भी रहते हैं। लेकिन, जब ऐसा अवसर आता है, तो स्वाभाविक रूप से दलगत भावना से ऊपर उठकर हम सबके भीतर एक समान भाव प्रकट होता है कि हमारे ये साथी अब किसी और विशेष काम के लिए आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा- आज यहां से जो साथी विदाई ले रहे हैं, उनमें से कुछ फिर से आने के लिए विदाई ले रहे हैं और कुछ विदाई के बाद यहां का अनुभव लेकर सामाजिक जीवन में कुछ न कुछ विशेष योगदान के लिए जा रहे हैं।
भविष्य कर रहा इंतजार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- जो जा रहे हैं, लेकिन आने वाले नहीं हैं, उनको भी मैं कहना चाहूंगा कि राजनीति में कोई फुलस्टॉप नहीं होता है, भविष्य आपका भी इंतजार कर रहा है और आपका अनुभव, आपका योगदान राष्ट्र जीवन में हमेशा बना रहेगा।
आपसी सम्मान की एक भावना
पीएम मोदी ने कहा-सदन में विभिन्न मुद्दों पर चर्चाएं होती हैं और हर सदस्य इनमें एक अनोखी भूमिका निभाता है। ऐसे क्षणों में, दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर आपसी सम्मान की एक भावना पैदा होती है। उन नेताओं से, जो अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद सदन छोड़ रहे हैं, मैं यह कहना चाहता हूं कि राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता।
पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के दौरान कहा कि रिटायरमेंट का मौका भावुक पल होता है। पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि इनकी आधी आयु संसदीय प्रणाली में गई। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि रिटायर हो रहे सांसदों का योगदान लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि सदन और देश के लिए उनका अनुभव हमेशा उपयोगी रहेगा। पीएम मोदी के बाद राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी राज्यसभा के सदस्यों की रिटायरमेंट पर अपना वक्तव्य रखा।