भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) नए साल 2026 की पहली लॉन्चिंग के लिए तैयार है। पीएसएलवी-सी-62 मिशन 12 जनवरी को सुबह 10:17 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से उड़ान भरेगा। यह इसरो का भरोसेमंद रॉकेट पीएसएलवी की 64वीं उड़ान होगी।
By: Arvind Mishra
Jan 07, 20261:52 PM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) नए साल 2026 की पहली लॉन्चिंग के लिए तैयार है। पीएसएलवी-सी-62 मिशन 12 जनवरी को सुबह 10:17 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से उड़ान भरेगा। यह इसरो का भरोसेमंद रॉकेट पीएसएलवी की 64वीं उड़ान होगी। इस मिशन का मुख्य पेलोड ईओएस-एन-1 है, जिसे अन्वेषा नाम दिया गया है। यह सैटेलाइट डीआरडीओ ने बनाया है। यह एक हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट है, जो पृथ्वी की सतह को सैकड़ों अलग-अलग वेवलेंथ में देख सकती है। इससे रक्षा, कृषि, शहरों की मैपिंग, पर्यावरण निगरानी और सामग्री की पहचान में मदद मिलेगी। यह रणनीतिक उद्देश्यों के लिए खास है।
केस्ट्रेल इनिशियल डेमॉन्स्ट्रेटर
स्पेन की स्टार्टअप आर्बिटल पैराडाइम ने बनाया यह छोटा प्रोब (फुटबॉल जितना, 25 किग्रा) है। यह रॉकेट के चौथे स्टेज (पीएस-4) से जुड़ा रहेगा। यह री-एंट्री (पृथ्वी पर वापसी) तकनीक का टेस्ट करेगा। इसके अलावा 17-18 अन्य कमर्शियल पेलोड्स होंगे, जो भारत, मॉरीशस, लग्जमबर्ग, यूएई, सिंगापुर, यूरोप और अमेरिका के स्टार्टअप्स और रिसर्च संस्थानों से हैं।
इसलिए लॉन्च खास
यह मिशन पिछले साल की पीएसएलवी-सी-62 की आंशिक असफलता के बाद पीएसएलवी की वापसी है। पीएसएलवी इसरो का वर्कहॉर्स रॉकेट है, जो छोटे-मध्यम सैटेलाइट्स को सटीक आर्बिट में पहुंचाता है। आम लोग श्रीहरिकोटा के लॉन्च व्यू गैलरी से लाइव देख सकते हैं। रजिस्ट्रेशन आॅनलाइन करें। आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या कोई सरकारी आईडी, मोबाइल नंबर और ईमेल तैयार रखें। इसरो का यह मिशन भारत की अंतरिक्ष क्षमता को और मजबूत करेगा। नए साल में अंतरिक्ष की दुनिया में भारत की मजबूत शुरुआत।