केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आज यानी शनिवार को हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला स्थित केंद्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली में नई वैक्सीन लांच की। उन्होंने सीआरआई में टीटनेस और एडल्ट डिफ्थीरिया वैक्सीन का शुभारंभ किया। इस दौरान नड्डा ने कहा कि यह स्वदेशी वैक्सीन सीआरआई के प्रयासों से बनी है।
By: Arvind Mishra
Feb 21, 20262:08 PM
कसौली। स्टार समाचार वेब
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आज यानी शनिवार को हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला स्थित केंद्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली में नई वैक्सीन लांच की। उन्होंने सीआरआई में टीटनेस और एडल्ट डिफ्थीरिया वैक्सीन का शुभारंभ किया। इस दौरान नड्डा ने कहा कि यह स्वदेशी वैक्सीन सीआरआई के प्रयासों से बनी है। यह नई वैक्सीन किशोरों और वयस्कों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं को भी टीटनेस और डिफ्थीरिया से सुरक्षा प्रदान करेगी। टीडी वैक्सीन, टीटनेस टॉक्सॉइड वैक्सीन की जगह लेने के लिए डिजाइन की गई है, जिससे डिफ्थीरिया के खिलाफ सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।
भारत बना वर्ल्ड लीडर
नड्डा ने कहा- भारत ने ड्रग्स, दवाओं और वैक्सीन बनाने में वर्ल्ड लीडर के रूप में स्थापित किया है। इसमें सीआरआई कसौली की महत्वपूर्ण भूमिका है। सीआरआई कसौली का 120 सालों का इतिहास है। टीडी वैक्सीन अब यूनिवर्सल इम्युनाइजेशन प्रोग्राम के तहत उपलब्ध करवाई जाएगी।
टीटनेस: एक बैक्टीरियल संक्रमण
टीटनेस एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो क्लॉस्ट्रिडियम टेटानी नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह बैक्टीरिया आमतौर पर मिट्टी, धूल और जानवरों की गंदगी में पाए जाते हैं। जब यह बैक्टीरिया किसी घाव, कट या चोट के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है, तो स्नायु तंत्र को प्रभावित करने वाला एक जहरीला टॉक्सिन छोड़ता है।
डिफ्थीरिया: एक जहरीला टॉक्सिन
डिफ्थीरिया कोराइनेबैक्टीरियम डिफ्थीरिए नामक बैक्टीरिया के कारण होने वाला संक्रमण है। यह मुख्य रूप से सांस की नली, गले और त्वचा को प्रभावित करता है। यह बैक्टीरिया एक जहरीला टॉक्सिन पैदा करता है। यह टॉक्सिन शरीर में फैलकर हृदय, तंत्रिका तंत्र और किडनी को भी प्रभावित कर सकता है। संक्रमण से सांस लेने में कठिनाई, हृदय की समस्याएं, पक्षाघात और मृत्यु तक हो सकती है।