मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के देशभर में चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस केस में आरोपी बनाए गए गार्ड बलवीर सिंह अहिरवार और बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया है। इन दोनों व्यक्तियों को सबूतों के अभाव के चलते रिहा करने का आदेश दिया गया है।
By: Arvind Mishra
Feb 04, 202611:43 AM
इंदौर। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के देशभर में चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस केस में आरोपी बनाए गए गार्ड बलवीर सिंह अहिरवार और बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया है। इन दोनों व्यक्तियों को सबूतों के अभाव के चलते रिहा करने का आदेश दिया गया है। गौरतलब है कि शिलॉन्ग पुलिस ने दानों को साक्ष्य मिटाने के गंभीर आरोप में गिरफ्तार किया था। हालांकि, केस की विस्तृत और गहन जांच के उपरांत पुलिस को हत्या की इस वारदात से इन दोनों का कोई भी सीधा संबंध मिलने में सफलता हासिल नहीं हुई। पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राजा रघुवंशी की निर्मम हत्या के पश्चात ऐसी आशंका जताई गई थी कि आरोपियों ने सबूत छिपाने का प्रयास किया है और इसी आधार पर शुरूआती कार्रवाई अमल में लाई गई थी।
इसलिए किया गया था गिरफ्तार
तफ्तीश के दौरान यह बात सामने आई थी कि वारदात को अंजाम देने के बाद सोनम और विशाल चौहान लसूड़िया इलाके में स्थित एक बिल्डिंग में ठहरे थे। यह विशेष बिल्डिंग शिलाम जेम्स के नाम पर किराए पर ली गई बताई गई थी, जिसका प्रबंधन एक ब्रोकर के माध्यम से किया गया था। जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित कमरे का रेंटल एग्रीमेंट विशाल के नाम पर तैयार किया गया था, जिसके कारण शुरुआती संदेह गहरा गया था।
साक्ष्यों और ठोस प्रमाणों की कमी
केस की गहराई से छानबीन करने के बाद बिजली बिल, रेंटल डॉक्यूमेंट्स और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की गई, जिसमें पुलिस को इन दोनों आरोपियों की संलिप्तता के कोई भी ठोस सबूत नहीं मिल सके। शिलॉन्ग की ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक सिगम ने स्पष्ट किया कि आरंभिक परिस्थितियों और मौके पर मिली जानकारियों के आधार पर ही इन गिरफ्तारियों को अंजाम दिया गया था।
हत्याकांड में नहीं थे शामिल
जब वेरिफिकेशन और साक्ष्यों का मिलान किया गया, तो हत्याकांड में उनकी भूमिका साबित होना असंभव हो गया। इसी तकनीकी आधार पर न्यायालय ने दोनों को दोषमुक्त करने का निर्णय लिया। फिलहाल मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी और राज कुशवाह न्यायिक हिरासत में हैं और पुलिस अन्य पहलुओं पर अपनी जांच जारी रखे हुए है।