दिसंबर-2025 में शुरू हुए उग्र प्रदर्शनों ने ईरान को हिलाकर रख दिया था। अब ये प्रदर्शन शांत हो गए हैं और खामेनेई सरकार ने दंगाइयों पर एक्शन लेना शुरू कर दिया है। ईरान के शीर्ष पुलिस अधिकारी ने उन प्रदर्शनकारियों को अल्टीमेटम जारी किया, जिन्हें अधिकारी दंगाई बता रहे हैं।

ईरान में यह चिंता भी बढ़ गई है कि अधिकारी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मौत की सजा का इस्तेमाल कर सकते हैं।

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
दिसंबर-2025 में शुरू हुए उग्र प्रदर्शनों ने ईरान को हिलाकर रख दिया था। अब ये प्रदर्शन शांत हो गए हैं और खामेनेई सरकार ने दंगाइयों पर एक्शन लेना शुरू कर दिया है। ईरान के शीर्ष पुलिस अधिकारी ने उन प्रदर्शनकारियों को अल्टीमेटम जारी किया, जिन्हें अधिकारी दंगाई बता रहे हैं। शीर्ष पुलिस अधिकारी ने कहा-ऐसे प्रदर्शनकारियों को तीन दिनों के भीतर सरेंडर करना होगा, नहीं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, ईरान की सरकार ने उन आर्थिक कठिनाइयों से निपटने का भी वादा किया है, जिनकी वजह से ये प्रदर्शन भड़के। इधर, मानवाधिकार समूहों का कहना है कि इन प्रदर्शनों को कुचलने के लिए की गई कार्रवाई में हजारों लोग मारे गए हैं। ईरान के हालिया प्रदर्शन हाल के सालों में ईरानी नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। बढ़ती महंगाई और ईरानी मुद्रा में भारी गिरावट की वजह से शुरू हुए प्रदर्शन जल्द ही खामेनेई शासन को हटाने की मांग पर अड़ गए।
इंटरनेट और फोन पर पाबंदी
ईरान ने प्रदर्शनों पर काबू पाने के लिए इंटरनेट बैन कर दिया और अंतरराष्ट्रीय फोन कॉल्स पर भी पाबंदी लगा दी। इस वजह से प्रदर्शनों और हिंसा की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आ सकी है। हालांकि, ईरानी अधिकारी कह रहे हैं कि देशभर में धीरे-धीरे इंटरनेट सेवाएं बहाल की जाएंगी।
प्रदर्शनकारियों को अल्टीमेटम
इधर, ईरान के पुलिस प्रमुख अहमद-रेजा रादान ने कहा-कुछ युवा भ्रमित होकर दंगों में शामिल हुए। युवा आत्मसमर्पण कर दें, ताकि उन्हें कम सजा मिल सके। जो लोग अनजाने में दंगों में शामिल हो गए, उन्हें दुश्मन सैनिक नहीं बल्कि भ्रमित व्यक्ति माना जाएगा और उनके साथ नरमी बरती जाएगी।
ईरान में मौत की सजा ने बढ़ाई चिंता
ईरान में यह चिंता भी बढ़ गई है कि अधिकारी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मौत की सजा का इस्तेमाल कर सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी कि ईरान फांसी को धमकी के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। मानवाधिकार समूहों के अनुसार, चीन के बाद दुनिया में सबसे अधिक फांसी देने वाला देश ईरान है। पिछले साल ईरान में 1,500 लोगों को फांसी दी गई।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने मिडिल ईस्ट, विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों पर हो रहे सैन्य हमलों पर गहरा रोष व्यक्त किया है।
चीन ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए मेटा (Meta) द्वारा AI स्टार्टअप 'मैनस' (Manus) के 2 अरब डॉलर के अधिग्रहण को रोक दिया है। जानें इस फैसले के पीछे के मुख्य कारण और इसके वैश्विक प्रभाव।
रूस ने संयुक्त राष्ट्र में ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण के अधिकार का समर्थन किया है। वहीं लेबनान में इस्राइली हमलों से तनाव बढ़ा और ईरान ने जहाजों पर 'रियाल' में टोल लगाने का प्रस्ताव दिया है।
इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के बाहर दो ट्रेनों की टक्कर हो गई, जिसमें 14 यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है। हादसे में 84 अन्य घायल भी हुए हैं। सरकारी रेल कंपनी के प्रवक्ता फ्रानोटो विबोवो ने घटनास्थल पर बताया कि अस्पताल के रिकॉर्ड से पता चलता है कि 14 पीड़ितों की मौत हो गई है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ओमान के सुल्तान से मुलाकात कर होर्मुज संकट पर चर्चा की। जानें ईरान के नए शांति प्रस्ताव और पाकिस्तान की मध्यस्थता पर उठे विवाद की पूरी जानकारी।
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में अभी तक कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है। इसी बीच ईरान के एक नेता ने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन स्थित मशहूर हिल्टन होटल में बीती रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन के वार्षिक रात्रिभोज के दौरान अचानक गोलीबारी की आवाजें सुनाई दीं।
मिडिल ईस्ट में जारी सीजफायर के बीच, आज यानी शनिवार को ईरान और अमेरिका, पाकिस्तान में दूसरे दौर की शांति वार्ता के लिए तैयार हो गए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप दूसरे दौर की वार्ता के लिए अपने दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर को भेज रहे हैं।
ईरान के स्पीकर कालीबाफ ने अमेरिका के साथ युद्धविराम को ठुकराया। जानें क्यों रद्द हुई 20 हजार उड़ानें और होर्मुज में जहाजों की जब्ती से उपजे संकट की पूरी कहानी।
वॉशिंगटन में भारतीय दूतावास की प्रदर्शनी में 2025 के पहलगाम हमले और मुंबई हमलों के पीड़ितों को याद किया गया। इस दौरान अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान से लश्कर-ए-तैयबा और जैश जैसे आतंकी समूहों पर कार्रवाई की मांग की।