जैसे-जैसे मार्च-2026 की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे लाल आतंक पर सरकार के खात्मे में तेजी से जुटती नजर आ रही है। इसी बीची झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलवादियों के बीच जारी मुठभेड़ में जवानों को बड़ी सफलता हाथ लगी है।
By: Arvind Mishra
Jan 22, 20262:57 PM

रांची। स्टार समाचार वेब
जैसे-जैसे मार्च-2026 की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे लाल आतंक पर सरकार के खात्मे में तेजी से जुटती नजर आ रही है। इसी बीची झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलवादियों के बीच जारी मुठभेड़ में जवानों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुरक्षा बलों ने इस आॅपरेशन में एक करोड़ रुपए के इनामी कुख्यात नक्सली नेता अनल को ढेर कर दिया। अनल नक्सली संगठन का सेंट्रल कमेटी का सदस्य था और लंबे समय से सुरक्षाबलों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। घटना छोटानगरा पुलिस थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। सुरक्षा बलों ने इलाके में सघन सर्च आपरेशन शुरू कर दिया है। मुठभेड़ के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और अतिरिक्त बलों को मौके पर भेजा गया है। अनल दस्ते की सीधी मुठभेड़ कोबरा-209 बटालियन से हुई। इसमें 12 नक्सली मारे गए हैं।
गंभीर अपराधों के केस थे दर्ज
अनल उर्फ तुफान, उर्फ पतिराम मांझी, उर्फ पतिराम मरांडी, उर्फ रमेश, पिता टोटो मरांडी उर्फ तारू मांझी, निवासी ग्राम झरहाबाले, थाना पीरटांड, जिला गिरिडीह, लंबे समय से सारंडा और गिरिडीह के जंगलों में सक्रिय था। उसके ऊपर हत्या, ब्लास्ट, हथियार और लूट जैसे कई गंभीर अपराधों के मामले दर्ज थे।
चकमा देने में था माहिर
अनल उर्फ तुफान न केवल नक्सली गतिविधियों में शामिल था, बल्कि कई बार पुलिस और सीआरपीएफ के आपरेशनों से भी बच निकलने में कामयाब रहा। उसकी रणनीति और सक्रियता के कारण उसे राज्य सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद खतरनाक माना जाता था।
अनल लंबे समय से मोस्ट वांटेड था
सारंडा जंगल में नक्सली गतिविधियां लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं। अनल के मारे जाने के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है और आसपास के गांवों में पैट्रोलिंग और सर्च आॅपरेशन तेज कर दिया है। इस मुठभेड़ को सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि अनल लंबे समय से मोस्ट वांटेड था और उसके नेटवर्क के कई अन्य नक्सली अभी भी सक्रिय बताए जाते हैं।