मध्यप्रदेश के बैंकिंग क्षेत्र में आज यानी मंगलवार को बड़ा संकट रहा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर प्रदेश के 40 हजार बैंक अधिकारी और कर्मचारी सामूहिक हड़ताल पर चले गए। हड़ताल के कारण भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर सहित पूरे प्रदेश की 7,000 से अधिक बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे।
By: Arvind Mishra
Jan 27, 20262:39 PM

भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के बैंकिंग क्षेत्र में आज यानी मंगलवार को बड़ा संकट रहा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर प्रदेश के 40 हजार बैंक अधिकारी और कर्मचारी सामूहिक हड़ताल पर चले गए। हड़ताल के कारण भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर सहित पूरे प्रदेश की 7,000 से अधिक बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे। इससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही एक ही दिन में लाखों-करोड़ रुपए के कारोबार प्रभावित हुआ। दरअसल, बैंकों में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर 40 हजार बैंककर्मियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भोपाल के एमपी नगर में सरकारी प्रेस के पास पंजाब नेशनल बैंक शाखा के सामने रैली निकालने के बाद सभा आयोजित की गई, जहां बड़ी संख्या में बैंककर्मी मौजूद रहे। इस दौरान महिला कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही वित्त मंत्री के खिलाफ नारे भी लगाए।

उज्जैन के कॉसमॉस मॉल पर जुटे
उज्जैन की 290 बैंकों के 4 हजार से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल पर रहे। यूनाइटेड यूनियन ऑफ बैंक फोरम के सयोंजक विपिन सतोरिया ने बताया कि बैंक कर्मचारी यूनियन ने देश भर के बैंक कर्मचारियों को इस हड़ताल में शामिल होने को कहा था। मंगलवार सुबह 11 बजे कॉसमॉस मॉल के सामने केनरा बैंक की ब्रांच पर बड़ी संख्या में बैंक कर्मी एकत्रित हुए और उन्होंने नारेबाजी करते हुए अपनी मांग रखी। हमारी मुख्य मांग हफ्ते में पांच दिन काम करने का नियम तुरंत लागू किए जाने की है। 8 मार्च 2024 को सरकार और बैंक यूनियन के बीच समझौता हुआ था कि पांच दिन की वर्किंग दी जाएगी। लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।
इन बैंकों में लटके रहे ताले
यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार, सरकारी सेक्टर की 12 बड़ी बैंक- बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरशिस बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के सभी अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। इसके अलावा प्राइवेट बैंकों के अधिकारी-कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हुए।
एक ही मांग के लिए हड़ताल
बैंककर्मियों की मांग है कि बैंकिंग उद्योग में 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने के लिए केंद्र सरकार मंजूरी दे। शेष सभी शनिवार (वर्तमान में केवल दूसरा और चौथा शनिवार अवकाश है), को अवकाश घोषित किया जाए। यूनाइटेड फोरम आॅफ बैंक यूनियंस मध्य प्रदेश के को-आर्डिनेटर वीके शर्मा ने बताया कि हड़ताल में देशभर की सरकारी-प्राइवेट के साथ विदेशी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंकों के देशभर के 8 लाख कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए। मप्र में इनकी संख्या 40 हजार है।