मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन की बस्ती हटाने की कार्रवाई शनिवार से शुरू हो गई। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर बैरिकेडिंग कर दी है और आवाजाही पूरी तरह से रोक दी गई है।
मध्यप्रदेश में भावांतर योजना में सोयाबीन के भुगतान और एमएसपी पर गेहूं खरीद व्यवस्था का जिक्र करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार की नीतियों के खिलाफ डेमो के रूप में बड़वानी से मुरैना तक 7 मई-2026 को चक्काजाम करेंगे।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता को एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह अब उनके समक्ष व्यक्तिगत रूप से या वकील के माध्यम से पेश नहीं होंगे।
ऐसा नहीं है कि यह नियम कोई नया है। सामानों पर कस्टम ड्यूटी चुकाने का नियम नेपाल में काफी पुराना है, लेकिन फर्क सिर्फ इतना है कि बालेन शाह के सरकार में आने से बाद से इसे काफी सख्ती से लागू किया जा रहा है।
मध्यप्रदेश में टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों ने मोर्चा खोल दिया है। आज अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर राजधानी में प्रदर्शन किया। भेल के दशहरा मैदान में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से हजारों शिक्षक मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा के लिए एकत्रित हुए।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में स्ट्रेट आफ होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों पर बढ़ते खतरों को लेकर गंभीर चिंता जताई। भारत ने सुरक्षित नौवहन की तुरंत बहाली की मांग की और मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच संयम और तनाव कम करने का आह्वान किया।
मध्य प्रदेश में शिक्षकों की कमी से हजारों स्कूल जूझ रहे है। इससे लाखों बच्चों की पढ़ाई भी चौपट हो रही। वहीं डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों पर पात्रता की तलवार लटक रही है। इनमें वे शिक्षक शामिल हैं, जिनकी नियुक्तियां 2005 के पहले हुई हैं।
नोएडा के कई इलाकों में आज भी प्रदर्शन हो रहा है। ऐसे में पुलिस ने पूरे एनसीआर में हाई अलर्ट जारी किया है। नोएडा के कई संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के नोएडा के कई इलाकों में सोमवार को कर्मचारियों के प्रदर्शन के बाद हिंसा भड़क गई थी।
गुरु-शिष्य परंपरा (रेपर्टरी ग्रांट) योजना के तहत 70% संस्थाओं का अनुदान रोकने के खिलाफ कलाकारों ने भोपाल में प्रेस वार्ता की। जानें क्यों 7 अप्रैल को दिल्ली कूच कर रहे हैं देश के दिग्गज रंगकर्मी
पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में अब बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। बीएसएफ के जवान चुनाव में वोटिंग बूथ पर मतदाताओं के पहचान पत्र की जांच करेंगे। इतना ही नहीं, मतदान केंद्र पर जो सीसीटीवी कैमरा लगा होगा, उसका पूरा नियंत्रण भी बीएसएफ के पास रहेगा।






















