केंद्र के निर्णय के बाद मध्यप्रदेश के राजभवन का नाम अब लोक भवन हो गया है। शुक्रवार मुख्यमंत्री राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंचे थे। इसके बाद भवन के मुख्य द्वार पर लगी राजभवन की पुरानी पट्टिका हटाकर लोक भवन की नई पट्टिका लगा दी गई।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुख्यमंत्री ने लोक भवन में सौजन्य भेंट की।

भोपाल। स्टार समाचार वेब
केंद्र के निर्णय के बाद मध्यप्रदेश के राजभवन का नाम अब लोक भवन हो गया है। शुक्रवार मुख्यमंत्री राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंचे थे। इसके बाद भवन के मुख्य द्वार पर लगी राजभवन की पुरानी पट्टिका हटाकर लोक भवन की नई पट्टिका लगा दी गई। इधर, एक बार फिर राज्यपाल मंगुभाई पटेल से शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकभवन में मुलाकात की और पुष्प-गुच्छ भेंटकर अभिवादन किया। इस दौरान राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से राज्य के विकास एवं जनकल्याण संबंधी विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
आठ राज्य बदल चुके नाम
गौरतलग है कि कि केंद्र के निर्देश पर पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम, उत्तराखंड, ओडिशा, गुजरात और त्रिपुरा अपने राजभवन का नाम पहले ही लोक भवन कर चुके हैं। वहीं लद्दाख में उपराज्यपाल के निवास को लोक निवास नाम दिया गया है। यह कदम देश को औपनिवेशिक प्रतीकों और नामों से मुक्त करने के व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
इसलिए बदला गया नाम
पिछले साल राज्यपालों के सम्मेलन में यह सुझाव दिया गया था कि राजभवन नाम औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाता है, इसलिए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप लोक भवन किया जाए। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे प्रतीकात्मक बदलावों की श्रृंखला में यह भी एक अहम कदम है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

मध्यप्रदेश: बैंक ऑफ बड़ौदा ब्लैक लिस्ट... सरकारी लेनदेन पर प्रतिबंध

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
भोपाल रेल मंडल के यात्रियों के लिए सबसे अहम बदलाव बिना टिकट और नियमों के उल्लंघन से जुड़े किए गए हैं। अब बिना टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क 250 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया है। अनियमित यात्रा या गलत टिकट पर यात्रा करने पर भी यही नियम लागू होंगे।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मध्य प्रदेश में जगह-जगह सामूहिक योग किए गए। जबलपुर के गैरिसन ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने योग किया।
इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमि-पूजन, 5657 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, पीएम आवास योजना और कृषि क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों पर विस्तृत रिपोर्ट।
सीधी के खैरा गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई। घटना में एक ही परिवार के पांच लोग घायल हुए, जबकि मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
सिंगरौली की अमलोरी कोल माइंस में डंपर 100 फीट गहरी खाई में गिरने से ऑपरेटर की मौत हो गई। हादसे ने खदानों में श्रमिक सुरक्षा और कार्यस्थल प्रबंधन को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
केन-बेतवा लिंक परियोजना से विस्थापित परिवार पुनर्वास स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं के अभाव में तिरपाल और झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। मुआवजा मिलने के बावजूद स्थायी पुनर्स्थापन और बुनियादी व्यवस्थाओं का इंतजार जारी है।
रीवा के सेमरिया स्थित पीएम श्री पूर्व माध्यमिक विद्यालय में छात्रों के लिए आई किताबें और शैक्षणिक सामग्री कबाड़ में बेचने का आरोप लगा है। मामले का वीडियो सामने आने के बाद जवाबदेही पर सवाल उठे हैं।
रीवा में प्रवर्तन निदेशालय ने चार प्रमुख संविदाकारों के घर और कार्यालयों पर छापेमार कार्रवाई की। वित्तीय अनियमितताओं, टेंडर भुगतान और कथित घोटालों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
सतना के धवारी स्थित इनक्यूबेशन सेंटर में बिना मीटर सीधे ट्रांसफॉर्मर से बिजली उपयोग का मामला सामने आया। बिजली विभाग की जांच में अवैध कनेक्शन पकड़े गए, जिससे निगरानी और जवाबदेही पर सवाल खड़े हुए।
चित्रकूट में 36.84 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे कामदगिरी परिक्रमा मार्ग की गुणवत्ता जांच में खामियां मिलीं। कलेक्टर और प्राधिकरण अध्यक्ष ने मौके पर निरीक्षण कर निर्माण एजेंसी से जवाब तलब किया।