भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क जारी किया है। इसके तहत भारतीय सामान पर अमेरिका का टैक्स 50 घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है। दोनों देशों ने कहा कि इस फ्रेमवर्क को जल्द लागू किया जाएगा और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में बातचीत आगे बढ़ेगी।
By: Arvind Mishra
Feb 07, 20269:53 AM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क जारी किया है। इसके तहत भारतीय सामान पर अमेरिका का टैक्स 50 घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है। दोनों देशों ने कहा कि इस फ्रेमवर्क को जल्द लागू किया जाएगा और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में बातचीत आगे बढ़ेगी। भारत-अमेरिका के संयुक्त बयान के मुताबिक, यह फ्रेमवर्क 13 फरवरी 2025 को शुरू हुई भारत-अमेरिका बीटीए वार्ता को आगे बढ़ाएगा। इस समझौते में आगे चलकर बाजार पहुंच, सप्लाई चेन को मजबूत करने और ट्रेड बैरियर कम करने जैसे प्रावधान शामिल होंगे। इसके तहत भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं पर सभी टैरिफ खत्म या कम करेगा। कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 27.18 लाख करोड़ रुपए) के बाजार को खोलेगा। दरअसल, अमेरिका और भारत ने एक अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क जारी किया। दोनों पक्षों के बीच आर्थिक रिश्तों में नई गति देखने को मिल रही है। दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा- संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत इस फ्रेमवर्क को शीघ्र लागू करेंगे और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे, ताकि एक पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके। दोनों देशों ने इसे अपनी साझेदारी में एक मील का पत्थर बताया।
लाखों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क जारी करते हुए पोस्ट में लिखा- प्रधानमंत्री मोदी के निर्णायक नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक मजबूत फ्रेमवर्क तैयार किया है। इससे भारतीय निर्यातकों- विशेषकर एमएसएमई, किसान और मछुआरों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के विशाल बाजार के द्वार खुलेंगे। निर्यात में बढ़ोतरी से महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मेक इन इंडिया को मिलेगी उड़ान
गोयल ने कहा-इस फ्रेमवर्क के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर रेसिप्रोकल टैरिफ घटाकर 18 फीसदी करेगा, जिससे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में वस्त्र व परिधान, चमड़ा व फुटवियर, प्लास्टिक व रबर उत्पाद, आॅर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और चुनिंदा मशीनरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े भारतीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंच मिलेगी। इसके अतिरिक्त, जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, रत्न एवं आभूषण और विमान पुर्जों सहित कई वस्तुओं पर टैरिफ शून्य किए जाएंगे, जिससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा और मेक इन इंडिया को और मजबूती मिलेगी।
भारतीय किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित
गोयल ने कहा-यह समझौता किसानों के हितों की सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, एथेनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस जैसे संवेदनशील कृषि व डेयरी उत्पादों को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है। यह समझौता भारत और अमेरिका को अपने आर्थिक सहयोग को और गहराई देने के साझा संकल्प के साथ आगे बढ़ने में मदद करेगा, जो हमारे नागरिकों और व्यवसायों के लिए सतत विकास को प्रतिबिंबित करता है।
दोनों देश एक दूसरे से क्या खरीदेंगे और क्या बेचेंगे
जारी फ्रेमवर्क के तहत भारत अमेरिका के औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर अपने टैरिफ को या तो हटाएगा या कम करेगा, जिसमें मेवे, फल, सोया तेल, शराब एवं अन्य खाद्य उत्पाद शामिल हैं। अमेरिका भी वस्त्र, परिधान, रसायन और मशीनरी जैसी भारतीय वस्तुओं पर 25 की जगह 18 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ लगाएगा। इसके अलावा, अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा प्रावधानों के तहत भारतीय एयरक्राफ्ट और एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर लगे टैरिफ हटाने पर सहमति जताई है, जबकि भारत को आॅटो पार्ट्स पर प्रायोरिटी टैरिफ-रेट कोटा मिलेगा।
नॉन-टैरिफ बैरियर्स हटाने पर होगी बातचीत
दोनों पक्ष अब जनरल फार्मास्यूटिकल्स, नॉन-टैरिफ बैरियर्स जैसे मुद्दों पर आगे बातचीत करेंगे। भारत ने कहा कि वह अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर मूल्य के ऊर्जा उत्पाद, विमान, कीमती धातु, टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट और कोकिंग कोल खरीदने का इरादा रखता है। दोनों पक्ष डेटा सेंटर्स में उपयोग होने वाले कम्पोनेंट सहित टेक्नोलॉजी गुड्स में व्यापार को बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। भारत और अमेरिका ने इस प्रारंभिक समझौते को दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत बताया है और कहा है कि इसके पूरा होने के बाद द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई मिलेगी।