सोने-चांदी के दाम में आज गिरावट दर्ज की गई। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 269 रुपए गिरकर 1.53 लाख रुपए पर आ गई है। एक किलो चांदी की कीमत 3,742 रुपए कम होकर करीब 2.30 लाख रुपए हो गई है।
शिक्षक दिवस के अवसर पर भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद हालात अत्यंत चिंताजनक बने हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन से शुरू हुई इस त्रासदी में अब तक कम से कम 1,259 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
नेपाल में आई भीषण बाढ़ को कई दिन गुजर चुके हैं, लेकिन तबाही का खौफनाक मंजर अब भी कायम है। बिखरे हुए मलबे के बीच जिंदगियां तलाशने का अभियान युद्ध स्तर पर चल रहा है। करीब चार हजार लोग अभी भी लापता हैं।
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच लापता भारतीयों और चीन सीमा पर फंसे नागरिकों का ताजा अपडेट। जानिए भारत सरकार के राहत अभियान और बचाव कार्यों की पूरी जानकारी।
मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से बीते 21 दिनों से लापता दक्षिण अफ्रीकी मादा चीता निर्वा को आखिरकार वन्यजीव निगरानी टीम ने सुरक्षित खोज निकाला है। रेडियो कॉलर के सिग्नल बंद होने के कारण मानसून के घने जंगलों में उसकी लोकेशन ट्रेस करना एक बड़ी चुनौती बन गया था।
आज सोना महंगा हुआ है तो वहीं, चांदी के रेट गिर ही गए हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के अनुसार, 24 कैरेट सोने का वायदा भाव शुरुआती कारोबार में 0.67 फीसदी बढ़कर यानी 1087 रुपए तेजी के साथ 1,63,525 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है।
जापान में आज तड़के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। राजधानी टोक्यो समेत पूर्वी जापान के कई इलाकों में आए इस भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता 5.9 मापी गई है। भूकंप के कारण 23 लोग घायल हुए हैं। हालांकि इनमें से ज्यादातर को मामूली चोटें आई हैं।
मध्यप्रदेश में खाद की बिक्री पर लगाई गई अस्थायी रोक के बाद सरकार ने वितरण शुरू करने की समय-सीमा तय कर दी है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के अनुसार भारत सरकार के आईएफएमएस पोर्टल पर दर्ज उर्वरक स्टॉक और प्रदेश के खाद विक्रेताओं के वास्तविक भौतिक स्टॉक का मिलान आज रविवार को शाम तक पूरा कर लिया जाएगा।
कभी-कभी सरकारी लापरवाही उन परिवारों को भी नहीं बख्शती जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दे दी हो। इसका एक उदाहरण शौर्य चक्र से सम्मानित मोहन सिंह की विधवा का दशकों लंबा संघर्ष है, जिन्हें अपनी हक की स्पेशल फैमिली पेंशन पाने के लिए 26 साल तक इंतजार करना पड़ा और वह भी तब जब सुप्रीम कोर्ट ने दखल दिया।






















