अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'सैंक्शनिंग रशिया एक्ट 2025' को मंजूरी दे दी है। जानिए कैसे यह बिल रूस से तेल खरीदने वाले भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों पर 500% टैरिफ का खतरा बढ़ा रहा है।

वॉशिगटन. स्टार समाचार वेब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के खिलाफ आर्थिक घेराबंदी को और कड़ा करते हुए 'सैंक्शनिंग रशिया एक्ट (SRA) 2025' को मंजूरी दे दी है। यह बिल न केवल रूस की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ने की तैयारी है, बल्कि इसमें रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों—विशेषकर भारत, चीन और ब्राजील—पर 500% तक भारी-भरकम टैरिफ लगाने का भी कड़ा प्रावधान है।
रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पुष्टि की है कि व्हाइट हाउस में हुई चर्चा के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बिल को संसद में पेश करने के लिए 'ग्रीन सिग्नल' दे दिया है। अगले सप्ताह इस पर वोटिंग होने की संभावना है। बता दे 'सैंक्शनिंग रशिया एक्ट 2025' का प्राथमिक उद्देश्य रूस को मिलने वाली वित्तीय सहायता को रोकना है ताकि वह यूक्रेन युद्ध को जारी न रख सके। इस कानून में रूस के ऊर्जा (Energy), बैंकिंग और रक्षा (Defense) क्षेत्रों को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया है। सेकेंडरी सैंक्शन्स प्रावधान सबसे घातक है। इसके तहत उन तीसरे देशों, बैंकों या कंपनियों पर भी कार्रवाई की जाएगी जो रूस के साथ व्यापारिक संबंध बनाए रखेंगे। रूस से सस्ता तेल खरीदने वाले देशों पर दंडात्मक टैरिफ लगाने की शक्ति अमेरिका को मिलेगी।अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा फ्रीज की गई रूसी संपत्तियों का उपयोग यूक्रेन के पुनर्निर्माण के लिए किया जाएगा।
दिलचस्प बात यह है कि इस बिल को अमेरिका की दोनों मुख्य पार्टियों—रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स—का मजबूत समर्थन हासिल है। सीनेटर लिंडसे ग्राहम और रिचर्ड ब्लूमेंथल द्वारा पेश किए गए इस बिल के 85 को-स्पॉन्सर हैं, जिसका अर्थ है कि सीनेट के 80% से अधिक सदस्य इसके पक्ष में हैं। यह बिल राष्ट्रपति के कार्यकारी आदेशों को कानून में बदल देगा, जिससे भविष्य में कोई भी राष्ट्रपति अकेले अपनी मर्जी से इन प्रतिबंधों को हटा नहीं सकेगा।
भारत के लिए यह बिल एक बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक चुनौती बन सकता है:
निर्यात पर संकट: भारत पर पहले से ही 25% का एक्स्ट्रा टैरिफ लागू है, जिससे कुल शुल्क 50% तक पहुंच चुका है। नए बिल के बाद यह बोझ और बढ़ सकता है।
ट्रेड डील में अड़चन: भारत वर्तमान में अमेरिका के साथ टैरिफ विवाद सुलझाने के लिए बातचीत कर रहा है। भारत की मांग है कि कुल टैरिफ को घटाकर 15% किया जाए और रूसी तेल पर लगी 25% पेनल्टी खत्म हो।
महंगा होगा तेल: यदि 500% टैरिफ का प्रावधान लागू होता है, तो रूस से मिलने वाला 'डिस्काउंटेड' तेल भारत के लिए बहुत महंगा साबित हो सकता है।
'सैंक्शनिंग रशिया एक्ट 2025' वैश्विक व्यापार समीकरणों को बदलने वाला साबित हो सकता है। जहाँ एक ओर अमेरिका रूस को अलग-थलग करना चाहता है, वहीं भारत जैसे मित्र देशों के लिए यह अपनी ऊर्जा सुरक्षा और अमेरिकी संबंधों के बीच संतुलन बनाने की एक कठिन परीक्षा होगी।
यह भी पढ़ें...
भारतीय शेयर बाजार पर प्रभाव (Stock Market Impact)
SRA 2025 की खबरों से भारतीय बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।
ऑयल एंड गैस सेक्टर: OMCs (HPCL, BPCL, IOC) के शेयरों में गिरावट आ सकती है क्योंकि रूस से सस्ता कच्चा तेल मिलना बंद होने या महंगा होने से उनके 'रिफाइनिंग मार्जिन' (GRM) पर सीधा असर पड़ेगा।
निर्यात आधारित कंपनियां (Exporters): अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। अगर भारत पर काउंटर-टैरिफ बढ़ते हैं, तो IT, टेक्सटाइल और फार्मा सेक्टर के शेयरों पर दबाव बढ़ सकता है।
लॉजिस्टिक्स और शिपिंग: रूस के साथ व्यापार करने वाली शिपिंग कंपनियों को 'सेकेंडरी सैंक्शन्स' के डर से अपने परिचालन में बदलाव करना पड़ सकता है।
दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता होने के नाते, भारत के लिए स्थितियां चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं:
आयात बिल में बढ़ोतरी: रूस वर्तमान में भारत को भारी छूट पर तेल देता है। यदि भारत को मजबूरी में मिडिल-ईस्ट (खाड़ी देशों) की ओर रुख करना पड़ा, तो भारत का चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ सकता है।
घरेलू महंगाई: कच्चा तेल महंगा होने से पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे माल ढुलाई महंगी होगी और अंततः खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं।
भारत सरकार संभवतः 'प्रेसिडेंशियल वेवर' (विशेष छूट) के लिए लॉबिंग करेगी। चूंकि ट्रंप और मोदी के बीच व्यक्तिगत संबंध अच्छे हैं, भारत यह तर्क दे सकता है कि रूसी तेल खरीदने से वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं, वरना पूरी दुनिया में महंगाई का विस्फोट हो सकता है। 2026 की शुरुआत भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के लिए सबसे कठिन दौर साबित हो सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अमेरिका अपने रणनीतिक साझेदार (भारत) को इस भारी टैरिफ से छूट देता है या नहीं।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और परमाणु वार्ता शुरू करने के लिए 7 दिवसीय योजना का प्रस्ताव रखा है।
व्यापार, तकनीक और रणनीतिक मतभेदों के बीच अमेरिका और चीन के रिश्तों में एक सकारात्मक नरमी देखने को मिली है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वॉशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस में बेहद गर्मजोशी भरी मुलाकात हुई। इस अवसर पर ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का राजकीय स्वागत किया ।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दशकों पुराना प्रोटोकॉल तोड़कर खुद एयरपोर्ट पर स्वागत किया। जानिए इस भव्य स्वागत के कूटनीतिक और आर्थिक मायने।
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन और मुख्यधारा के मीडिया संस्थानों के बीच चल रही तनातनी में अदालत का बड़ा फैसला सामने आया है। एक अमेरिकी संघीय अदालत ने ट्रंप प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह सीएनएन, एमएस नाउ और पॉलिटिको के पत्रकारों का व्हाइट हाउस प्रवेश तुरंत बहाल करे।
न्यूयॉर्क में UN जनरल असेंबली के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिए करीब 3 घंटे बातचीत हुई। डोनाल्ड ट्रम्प की धमकी और ईरान की शर्तों के साथ पूरी खबर विस्तार से पढ़ें।
न्यूयॉर्क में UNGA के दौरान भारत और V4 देशों की पहली उच्च स्तरीय बैठक हुई। स्लोवाकिया ने UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट की चेतावनी, ईरानी एयरलाइंस का अंतरराष्ट्रीय संचालन इस सप्ताह हो सकता है बंद। डॉलर सिस्टम से बाहर करने की धमकी और वैश्विक असर
व्हाइट हाउस ने 24 घंटे का स्ट्रीमिंग चैनल 'TRUMP TV' लॉन्च किया है। दूसरी ओर, मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ सीएनएन और पोलिटिको ने कोर्ट में मुकदमा दायर किया है।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने देश के शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े सुधारों को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि इटली के स्कूलों में जल्द ही बुर्का और नकाब पहनने पर पूरी तरह से रोक लगाई जाएगी।
रूस में संसदीय चुनाव के आखिरी दिन मॉस्को पर सैकड़ों ड्रोन से हमला हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। राष्ट्रपति पुतिन के लिए यह चुनाव यूक्रेन युद्ध की नीतियों की अग्निपरीक्षा माना जा रहा है।