तमिलनाडु सरकार और राज्यपाल आरएन रवि के बीच एक बार फिर तकरार सामने आई है। यही नहीं, राज्यपाल विधानसभा सत्र को बीच में छोड़कर बाहर चले गए। उन्होंने तमिल एंथम के बाद राष्ट्रगान बजाने की मांग की थी।
By: Arvind Mishra
Jan 20, 202611:28 AM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
तमिलनाडु सरकार और राज्यपाल आरएन रवि के बीच एक बार फिर तकरार सामने आई है। यही नहीं, राज्यपाल विधानसभा सत्र को बीच में छोड़कर बाहर चले गए। उन्होंने तमिल एंथम के बाद राष्ट्रगान बजाने की मांग की थी, जिसे विस अध्यक्ष अप्पावु ने मानने से इंकार कर दिया। ऐसे में नाराज राज्यपाल सदन को संबोधित किए बिना ही कार्रवाई का बहिष्कार कर दिया। राज्यपाल ने तीसरी बार सदन का बहिष्कार किया है। इससे पहले 2024 और 2025 में भी भाषण नहीं दिया था। तमिलनाडु लोकभवन ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए इस पूरे मामले की जानकारी दी है।
राष्ट्रीय गान को नहीं दिया सम्मान
तमिलनाडु विधानसभा में राज्यपाल आरएन रवि ने कहा- मुझे बहुत दु:ख है कि राष्ट्रीय गान को सम्मान नहीं दिया जा रहा है। ये दुर्भाग्य है कि संबोधन में बाधा पड़ी है। मैं अपनी जिम्मेदारियों से भलीभांति अवगत हूं। मगर, राष्ट्रीय गान को पूरा सम्मान मिलना चाहिए।
विस अध्यक्ष ने दी सफाई
इधर, राज्यपाल की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए तमिलनाडु के स्पीकर अप्पावु ने कहा-विधानसभा में सिर्फ विधायकों को अपने विचार साझा करने की अनुमति होती है। कोई और अपने विचार नहीं थोप सकता है। सरकार ने राज्यपाल के संबोधन की तैयारी कर रखी थी।
मेरा माइक बंद किया गया: राज्यपाल
हालांकि, राज्यपाल आरएन रवि का कहना है कि मेरा माइक बंद कर दिया गया और मुझे बोलने नहीं दिया गया। इससे मुझे अपमानित महसूस हुआ है।