मध्यप्रदेश में बारिश का दौर चल रहा है। रविवार को 20 से ज्यादा जिले तरबतर हो गए। श्योपुर में 9 घंटे में ही 2 इंच पानी गिर गया, जबकि भोपाल-इंदौर में पूरे दिन रिमझिम बरसात होती रही। ऐसा ही मौसम आज भी बना रहेगा। खासकर ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के 8 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है।

बुरहानपुर में सुखाने के लिए फैलाई गई किसानों से खरीदी हजारों क्विंटल मक्का और सोयाबीन खराब हो गई।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश में बारिश का दौर चल रहा है। रविवार को 20 से ज्यादा जिले तरबतर हो गए। श्योपुर में 9 घंटे में ही 2 इंच पानी गिर गया, जबकि भोपाल-इंदौर में पूरे दिन रिमझिम बरसात होती रही। ऐसा ही मौसम आज भी बना रहेगा। खासकर ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के 8 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। वहीं, आधे मप्र यानी, भोपाल, इंदौर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, हरदा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, आगर-मालवा, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में बूंदाबांदी जारी रहेगी। इधर, मध्य प्रदेश के मालवा-निमाड़ अंचल के कई जिलों में कुछ दिनों से बेमौसम कहीं रिमझिम तो कहीं तेज बारिश हो रही है। शनिवार रात से रविवार दिनभर अंचल में कई जगह झमाझम भी हुई। इससे खरगोन, बड़वानी, खंडवा में कपास की फसल को काफी नुकसान हुआ है। खेतों में कटी पड़ी सोयाबीन और मक्का की फसल भी प्रभावित हुई है। कहीं-कहीं तो अंकुरण होने लग गया।

कपास की फसल के घेंटे खराब हो गए। मिर्च में भी नुकसान हुआ। हालांकि रबी की फसलों को लाभ होगा। बुरहानपुर के खकनार क्षेत्र में व्यापारियों द्वारा सुखाने के लिए फैलाई गई किसानों से खरीदी हजारों क्विंटल मक्का और सोयाबीन खराब हो गई। रविवार को खरगोन में 35 और भगवानपुरा में 20 मिमी बारिश दर्ज की गई।
किसानों के अनुसार भारत कपास निगम (सीसीआई) की खरीदी का मानक 12 प्रतिशत तक है, ऐसे में कपास की खरीदी में दिक्कत होगी। बड़वानी जिले में शनिवार रात आठ बजे से तेज बारिश का दौर शुरू हुआ, जो रविवार सुबह आठ बजे तक लगातार 12 घंटे चला। खेतों में तैयार होकर चुनाई के लिए तैयार कपास की फसल भीग गई।
तेज हवा चलने से बेल वाली फसल, सब्जियों को भी नुकसान हुआ। जिले में 24 घंटे के दौरान 19 मिमी बारिश हुई। उज्जैन जिले में भी कई स्थानों पर रिमझिम व तेज बारिश हुई। खेतों में काटकर रखी फसलों को नुकसान हुआ। मंडी में खुले में रखा सोयाबीन भीग गया। देवास, आगर-मालवा, रतलाम, धार और झाबुआ के कुछ क्षेत्रों में भी रिमझिम बारिश हुई।

इधर, रायसेन जिले में बारिश से धान की फसल को नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी पकी हुई धान की बालियां आड़ी हो गई हैं। किसानों का कहना है कि अब कटाई में सामान्य से ज्यादा समय लगेगा और उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। बारिश के कारण धान का दाना पतला रह जाने और उसका रंग उड़ने की आशंका है। कई जगहों पर कटाई के लिए तैयार फसल को भी क्षति पहुंची है। किसानों का कहना है कि दाना चमक खो सकता है, जिससे बाजार में कीमत प्रभावित हो सकती है। दीवानगंज क्षेत्र के किसानों ने बताया कि इस सीजन धान की फसल अच्छी थी। समय पर दवाओं का छिड़काव भी किया गया था, लेकिन बारिश और तेज हवा ने स्थिति बदल दी। किसानों ने कहा कि धान तैयार खड़ी थी, अब दाना पतला और हल्का होने का डर है। चमक भी कम हो जाएगी


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