15 फरवरी 2026 का पंचांग। जानें आज की तिथि, फाल्गुन मास का कृष्ण पक्ष, अभिजित मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का सही समय
By: Star News
Feb 15, 20261:20 AM
आज का पंचांग: 15 फरवरी 2026, रविवार | फाल्गुन कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
धर्म डेस्क. स्टार समाचार वेब
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में समय की गणना के लिए पंचांग का विशेष महत्व है। आज 15 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। रविवार का दिन भगवान सूर्य देव को समर्पित होता है। आज के पंचांग के माध्यम से आप शुभ कार्यों के लिए 'अभिजित मुहूर्त' और वर्जित समय 'राहुकाल' की सटीक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
आज का दिन आध्यात्मिक और धार्मिक कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नीचे विस्तार से विवरण दिया गया है:
तिथि: त्रयोदशी (दोपहर 01:22 PM तक, उसके बाद चतुर्दशी प्रारंभ)
नक्षत्र: श्रवण (शाम 04:10 PM तक, उसके बाद धनिष्ठा)
करण: वणिज (दोपहर 01:22 PM तक, उसके बाद विष्टि/भद्रा)
योग: व्यतीपात (सुबह 10:45 AM तक, उसके बाद वरीयान)
वार: रविवार (Sunday)
सूर्योदय: सुबह 07:01 AM
सूर्यास्त: शाम 06:12 PM
चन्द्रोदय: अगले दिन 05:44 AM (16 फरवरी)
चन्द्रास्त: शाम 04:38 PM
चंद्र राशि: मकर (पूरा दिन-रात)
सूर्य राशि: कुंभ
किसी भी मांगलिक कार्य को शुरू करने से पहले शुभ मुहूर्त देखना श्रेयस्कर होता है:
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:13 PM से 12:58 PM तक (सर्वश्रेष्ठ समय)
अमृत काल: सुबह 06:34 AM से 08:15 AM तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:28 PM से 03:12 PM तक
राहुकाल: शाम 04:48 PM से 06:12 PM तक (इस समय शुभ कार्य न करें)
यमगण्ड: दोपहर 12:36 PM से 02:00 PM तक
गुलिक काल: दोपहर 03:24 PM से 04:48 PM तक
भद्रा: दोपहर 01:22 PM से अगले दिन सुबह 01:50 AM तक
15 फरवरी 2026 को रविवार का दिन है। चूंकि फाल्गुन मास चल रहा है, इसलिए यह समय दान-पुण्य के लिए श्रेष्ठ है।
आज के विशेष उपाय:
सूर्य अर्घ्य: तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन और फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।
आदित्य हृदय स्तोत्र: शत्रुओं पर विजय और आत्मविश्वास के लिए आज इस स्तोत्र का पाठ करें।
दान: आज गेहूं या गुड़ का दान करना शुभ फलदायी रहेगा।
आज का पंचांग संकेत देता है कि दोपहर 01:22 बजे के बाद भद्रा प्रारंभ हो रही है, इसलिए महत्वपूर्ण कार्यों को अभिजित मुहूर्त (दोपहर 12:13 - 12:58) के दौरान संपन्न कर लेना उचित होगा। रविवार और श्रवण नक्षत्र का योग मानसिक शांति और कार्य सिद्धि के लिए उत्तम है।