उज्जैन की नागदा कोर्ट ने KBC में नागदा शहर की गलत जानकारी देने के मामले में अमिताभ बच्चन के खिलाफ जाँच के आदेश दिए हैं। पुलिस को 9 अप्रैल 2026 तक रिपोर्ट पेश करनी होगी
By: Ajay Tiwari
Feb 22, 20264:04 PM
नागदा (उज्जैन)। स्टार समाचार वेब
टेलीविज़न के लोकप्रिय शो 'कौन बनेगा करोड़पति' (KBC) में नागदा शहर को लेकर की गई कथित भ्रामक टिप्पणी अब कानूनी पचड़े में फंस गई है। नागदा की प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अदालत ने लक्ष्मण बनाम अमिताभ बच्चन प्रकरण में सख्त रुख अपनाते हुए स्थानीय पुलिस को मामले की विस्तृत जाँच के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने पुलिस थाना नागदा को 18 फरवरी 2026 से 9 अप्रैल 2026 के बीच जाँच प्रतिवेदन (इनवेस्टिगेशन रिपोर्ट) पेश करने को कहा है।
यह मामला 23 दिसंबर 2025 को प्रसारित हुए KBC के एक एपिसोड से जुड़ा है। नागदा निवासी लक्ष्मण सुंदरा द्वारा दायर परिवाद में कहा गया है कि कार्यक्रम के दौरान नागदा शहर के बारे में ऐसी जानकारी दी गई जो कथित तौर पर असत्य और भ्रामक थी। परिवाद में आरोप है कि एक महत्वपूर्ण औद्योगिक नगर होने के बावजूद, नागदा को एक 'छोटा गांव' और 'गंभीर जल संकटग्रस्त क्षेत्र' के रूप में चित्रित किया गया। याचिकाकर्ता का तर्क है कि इस गलत चित्रण से नगर की ऐतिहासिक और सामाजिक छवि को वैश्विक स्तर पर ठेस पहुँची है और नगरवासियों की प्रतिष्ठा धूमिल हुई है।
अदालत ने मामले की गंभीरता और प्रारंभिक तथ्यों को देखते हुए पुलिस को जाँच के आदेश दिए हैं। इस प्रकरण में अमिताभ बच्चन और सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया के सीईओ गौरव बनर्जी को पक्षकार बनाया गया है। परिवाद में मुख्य रूप से इन धाराओं का उल्लेख है:
भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023: धारा 318(4) एवं 420।
केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995: धारा 5, 6 और 16।
केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 के विभिन्न प्रावधान।
परिवादकर्ता की ओर से अधिवक्ता राजेश मंडवारिया, दीपमाला अवाना और जैना श्रीमाल ने पैरवी की। अदालत के समक्ष वीडियो क्लिप, दस्तावेज और शपथ-पत्र साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं। पुलिस की जाँच रिपोर्ट आने के बाद अदालत तय करेगी कि इस मामले में आगे की न्यायिक कार्यवाही और समन जारी करने की आवश्यकता है या नहीं।