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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: तन-मन के संतुलन का वैश्विक पर्व

हर साल 21 जून को दुनिया भर में "अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" मनाया जाता है। यह दिन न केवल योग के प्राचीन भारतीय अभ्यास को समर्पित है, बल्कि शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण के लिए इसके महत्व को वैश्विक स्तर पर मान्यता देने का एक प्रतीक भी है।

By: Ajay Tiwari

Jun 17, 202511:13 AM

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: तन-मन के संतुलन का वैश्विक पर्व

हर साल 21 जून को दुनिया भर में "अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" मनाया जाता है। यह दिन न केवल योग के प्राचीन भारतीय अभ्यास को समर्पित है, बल्कि शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण के लिए इसके महत्व को वैश्विक स्तर पर मान्यता देने का एक प्रतीक भी है। यह दिवस हमें जीवन में संतुलन, शांति और जागरूकता लाने के लिए योग के transformative शक्ति की याद दिलाता है।

पृष्ठभूमि और स्थापना:

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की अवधारणा पहली बार भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान प्रस्तावित की थी। उन्होंने कहा था, "योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है। यह मन और शरीर, विचार और क्रिया, संयम और पूर्णता, मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य का प्रतीक है। यह स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक समग्र दृष्टिकोण है। यह केवल व्यायाम के बारे में नहीं है, बल्कि स्वयं के साथ, दुनिया और प्रकृति के साथ एकात्मता की भावना को खोजने का एक तरीका है।"

प्रधानमंत्री के इस प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र के 177 सदस्य देशों ने अभूतपूर्व समर्थन दिया और 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित करने का संकल्प पारित किया। 21 जून की तारीख का चुनाव इसलिए किया गया क्योंकि यह उत्तरी गोलार्ध का सबसे लंबा दिन होता है और इसका विशेष महत्व है, जिसे कई संस्कृतियों में भी मान्यता प्राप्त है। पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को पूरे विश्व में उत्साह के साथ मनाया गया।

योग क्या है?

योग, एक प्राचीन कला और विज्ञान है जिसकी उत्पत्ति भारत में हुई थी। यह केवल शारीरिक व्यायामों (आसनों) का एक समूह नहीं है, बल्कि एक समग्र जीवन शैली है जो शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने पर केंद्रित है। 'योग' शब्द संस्कृत के 'युज' धातु से बना है, जिसका अर्थ है 'जुड़ना' या 'एक होना'। यह व्यक्ति की चेतना का ब्रह्मांडीय चेतना के साथ मिलन है।

योग के अंग 

  • आसन: विभिन्न शारीरिक मुद्राएँ जो लचीलापन, शक्ति और संतुलन में सुधार करती हैं।
  • प्राणायाम: श्वास नियंत्रण तकनीकें जो जीवन शक्ति (प्राण) को विनियमित करती हैं और मन को शांत करती हैं।
  • ध्यान (मेडिटेशन): मन को शांत करने और एकाग्रता बढ़ाने की तकनीकें।
  • यम और नियम: नैतिक और व्यक्तिगत आचरण के सिद्धांत जो एक अनुशासित जीवन शैली का आधार बनाते हैं।
  • मुद्रा और बंध: शारीरिक और ऊर्जात्मक सीलें जो ऊर्जा को निर्देशित करती हैं।
  • शटकर्म: शरीर की आंतरिक शुद्धि की प्रक्रियाएँ।

योग के लाभ:

योग के लाभ असंख्य हैं और ये शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक तीनों स्तरों पर परिलक्षित होते हैं:

  • शारीरिक लाभ:
    • मांसपेशियों को मजबूत और लचीला बनाता है।
    • रक्त परिसंचरण में सुधार करता है।
    • पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है।
    • रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
    • दर्द, विशेषकर पीठ दर्द से राहत दिलाता है।
    • वजन प्रबंधन में सहायक है।
    • हृदय स्वास्थ्य में सुधार करता है।
  • मानसिक और भावनात्मक लाभ:
    • तनाव और चिंता को कम करता है।
    • एकाग्रता और स्मृति में सुधार करता है।
    • मन को शांत और स्थिर बनाता है।
    • नींद की गुणवत्ता में सुधार करता है।
    • आत्मविश्वास और सकारात्मकता बढ़ाता है।
    • भावनात्मक स्थिरता प्रदान करता है।
  • आध्यात्मिक लाभ:
    • आत्म-जागरूकता बढ़ाता है।
    • आंतरिक शांति और संतोष की भावना प्रदान करता है।
    • उच्च चेतना की ओर ले जाता है।
    • जीवन के प्रति एक समग्र दृष्टिकोण विकसित करता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का महत्व:

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का महत्व केवल एक दिन के उत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई महत्वपूर्ण पहलुओं को उजागर करता है:

  • वैश्विक जागरूकता: यह दुनिया भर में योग के लाभों के बारे में जागरूकता फैलाता है, जिससे अधिक लोग इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित होते हैं।
  • स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा: यह लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने और बीमारियों से बचाव के लिए एक प्रभावी उपकरण के रूप में योग को देखने के लिए प्रोत्साहित करता है।
  • सांस्कृतिक आदान-प्रदान: यह विभिन्न संस्कृतियों के बीच योग के माध्यम से समझ और सम्मान को बढ़ावा देता है।
  • एकजुटता और शांति: योग शारीरिक और मानसिक बाधाओं को दूर कर लोगों को एकजुट करता है, जिससे वैश्विक शांति और सद्भाव को बढ़ावा मिलता है।
  • सतत विकास लक्ष्यों से जुड़ाव: योग मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देकर संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एक महत्वपूर्ण अवसर है जो हमें योग के अविश्वसनीय लाभों को पहचानने और उसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करता है। यह हमें सिखाता है कि वास्तविक कल्याण केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन भी शामिल है। जैसे-जैसे दुनिया आधुनिक जीवन की चुनौतियों का सामना कर रही है, योग एक शक्तिशाली उपकरण के रूप में उभर रहा है जो हमें आंतरिक शांति खोजने, तनाव का प्रबंधन करने और एक स्वस्थ, खुशहाल और अधिक संतुलित जीवन जीने में मदद कर सकता है। तो आइए, इस अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर हम सब योग को अपनाएं और इसके transformative प्रभाव का अनुभव करें।

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