भारत सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों के लिए ‘कैशलेस उपचार योजना 2025’ लागू की है। इसके तहत दुर्घटना की तारीख से 7 दिन तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज नामित निजी अस्पतालों में भी मिलेगा। सभी अस्पतालों को 31 जुलाई तक हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य किया गया है।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा सड़क दुर्घटना पीड़ितों का नगद रहित उपचार योजना 2025 लागू कर दी गई है। इस योजना का उद्देश्य सड़क हादसे में घायल व्यक्तियों को दुर्घटना की तारीख से 7 दिन के भीतर अधिकतम 1.5 लाख तक कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है।
हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एलके तिवारी ने बताया कि सभी निजी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम्स एवं अस्पतालों को जारी निर्देशों के अनुसार डिजिग्नेटेड अस्पतालों के साथ-साथ नॉन-डिजिग्नेटेड अस्पताल भी इस योजना के दायरे में रहेंगे। डिजिग्नेटेड अस्पतालों को आयुष्मान भारत निरामय योजना के तहत अधिकृत किया गया है और ये आयुष्मान पोर्टल व पॉलिसी मैनेजमेंट सिस्टम में पंजीकृत होंगे। नॉन-डिजिग्नेटेड अस्पतालों को इलाज उपरांत भुगतान प्राप्त करने हेतु एचएफआर हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा। इसको बनाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित है। स्टेब्लाइजेशन पैकेज के अंतर्गत प्राथमिक उपचार की अनुमति दी गई है। दुर्घटना की तारीख से 7 दिन की समय-सीमा तक पीड़ित 1.5 लाख तक के कैशलेस इलाज का लाभ ले सकेंगे। उपचार केवल सूचीबद्ध (नामित) अस्पतालों में ही किया जाएगा। यदि किसी विशेष कारणवश सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज नहीं हो सका, तो आवश्यक दस्तावेजों व अनुमोदन के बाद वास्तविक खर्च की प्रतिपूर्ति की जाएगी। भुगतान की प्रक्रिया, संबंधित निधि खाते से, राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा भुगतान स्वीकृति की तिथि से 10 दिन के भीतर पूर्ण की जाएगी।
ये दिए निर्देश

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