CBSE ने 2026 से 10वीं के लिए दो बोर्ड परीक्षाओं के नियम स्पष्ट किए हैं। जानें पहली परीक्षा में शामिल होना क्यों अनिवार्य है और किन छात्रों को दूसरी परीक्षा में बैठने का मौका नहीं मिलेगा।
By: Ajay Tiwari
Feb 16, 20263:40 PM
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने साल 2026 से कक्षा 10वीं के लिए दो बोर्ड परीक्षाओं की नई व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में बैठना पूरी तरह अनिवार्य है।
सीबीएसई के अनुसार, जो छात्र पहली परीक्षा के कम से कम तीन मुख्य विषयों में शामिल नहीं होंगे, उन्हें "अनिवार्य पुनरावृत्ति" (Essential Repeat) की श्रेणी में डाल दिया जाएगा। इसका मतलब है कि वे छात्र उसी वर्ष होने वाली दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने के पात्र नहीं होंगे और उन्हें अगले साल फरवरी की मुख्य परीक्षा का इंतज़ार करना होगा।
| नियम | विवरण |
| पहली परीक्षा की अनिवार्यता | सभी नियमित छात्रों को पहली बोर्ड परीक्षा में बैठना ही होगा। |
| सुधार का अवसर (Improvement) | पहली परीक्षा पास करने वाले छात्र अधिकतम तीन मुख्य विषयों (गणित, विज्ञान, आदि) में अपना स्कोर सुधारने के लिए दूसरी परीक्षा दे सकते हैं। |
| अनुपस्थिति का परिणाम | यदि कोई छात्र 3 या उससे अधिक विषयों में अनुपस्थित रहता है, तो वह दूसरी परीक्षा से बाहर हो जाएगा। |
| कंपार्टमेंट श्रेणी | जिन छात्रों की कंपार्टमेंट आई है, वे दूसरी परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। |
| अतिरिक्त विषय | परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद किसी भी अतिरिक्त विषय की परीक्षा देने की अनुमति नहीं होगी। |
परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि दूसरी परीक्षा के लिए पात्रता और परिणामों का निर्धारण निष्पक्ष तरीके से किया जा सके। कुछ अभिभावकों ने पहली परीक्षा छोड़कर सीधे दूसरी परीक्षा में बैठने की छूट मांगी थी, जिसे बोर्ड ने सिरे से खारिज कर दिया है।