सर्राफा बाजार और MCX में शुक्रवार को सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है। मुनाफावसूली के चलते चांदी 17% तक टूटी। जानें भोपाल और दिल्ली के ताजा सराफा रेट्स।
By: Ajay Tiwari
Jan 30, 20267:31 PM
बिजनेस डेस्क. स्टार समाचार वेब
सराफा बाजार में पिछले कई दिनों से मची 'रॉकेट' जैसी तेजी पर शुक्रवार, 30 जनवरी को जोरदार ब्रेक लगा है। भारी मुनाफावसूली (Profit Booking) के चलते सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक क्रैश देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी एक समय ₹67,000 तक टूट गई थी, जबकि सोना भी ₹15,000 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हुआ।
शुक्रवार सुबह के कारोबार में चांदी की कीमतों में हाहाकार मच गया। MCX पर चांदी ₹3.32 लाख प्रति किलो के स्तर तक गिर गई थी, जो कि करीब 17% की गिरावट थी। हालांकि, दोपहर तक बाजार में थोड़ी रिकवरी देखी गई और यह ₹3.51 लाख के आसपास ट्रेड करने लगी। सर्राफा बाजार की बात करें तो इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, चांदी ₹40,638 सस्ती होकर ₹3,39,350 पर आ गई है।
सोने की कीमतों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। सुबह के सत्र में 10 ग्राम सोने का भाव गिरकर ₹1.54 लाख पर आ गया था। रिकवरी के बाद अब यह ₹1.64 लाख के स्तर पर बना हुआ है। पिछले 29 दिनों में सोने की कीमतों में हुई ₹35,280 की रिकॉर्ड बढ़त के बाद यह पहली बड़ी गिरावट है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचे भाव पर निवेशकों द्वारा की गई 'प्रॉफिट बुकिंग' इस गिरावट की मुख्य वजह है।
अक्सर लोग इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि ऑनलाइन (MCX) और दुकान (सर्राफा) के भाव अलग क्यों होते हैं।
MCX: यह एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है जहाँ हर सेकंड कीमतों में उतार-चढ़ाव होता है। यह निवेश के नजरिए से देखा जाता है।
सर्राफा: यहाँ आप फिजिकल सोना खरीदते हैं। इसमें मेकिंग चार्ज, ट्रांसपोर्टेशन और स्टोरेज का खर्च जुड़ा होता है, इसलिए यहाँ दाम MCX से थोड़े अलग हो सकते हैं।
हॉलमार्क जरूर देखें: सोना खरीदते समय BIS का हॉलमार्क और अल्फान्यूमेरिक कोड (जैसे AZ4524) जरूर चेक करें।
भाव क्रॉस चेक करें: खरीदारी के दिन IBJA की वेबसाइट पर 24K, 22K और 18K के आधिकारिक रेट जरूर देखें।
बाजार विशेषज्ञों और चार्ट विश्लेषकों (Technical Analysts) के अनुसार, शुक्रवार को आई गिरावट स्थायी मंदी नहीं, बल्कि एक 'हेल्दी करेक्शन' है। अगले सप्ताह के लिए मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
विशेषज्ञों का मानना है कि मुनाफावसूली का दौर अभी 1-2 दिन और जारी रह सकता है।
सोना: यदि सोना ₹1.60 लाख के स्तर को तोड़ता है, तो यह ₹1.50 लाख तक जा सकता है। यह खरीदारों के लिए निवेश का बेहतरीन मौका होगा।
चांदी: चांदी के लिए ₹3.20 लाख से ₹3.25 लाख का स्तर एक मजबूत सपोर्ट (आधार) का काम करेगा।
1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट पर बाजार की सबसे बड़ी नजर है।
यदि सरकार सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी (Import Duty) घटाने का ऐलान करती है, तो घरेलू बाजार में कीमतें और 5% से 7% तक गिर सकती हैं।
इसके विपरीत, यदि ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं हुआ, तो शादियों के सीजन की मांग कीमतों को फिर से ऊपर ले जाएगी।
अमेरिकी डॉलर की मजबूती और फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर रुख का असर अगले सप्ताह भी दिखेगा। वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है, जो लंबी अवधि में सोने को 'सेफ हेवन' निवेश के रूप में मजबूती देगी।
फ्रेश खरीदारी के लिए रुकें: अगर आप जेवर बनवाने के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, तो बजट (1 फरवरी) तक इंतजार करना समझदारी होगी। बजट के बाद बाजार की दिशा स्पष्ट हो जाएगी।
SIP का तरीका अपनाएं: निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे एक साथ सारा पैसा न लगाएं। हर गिरावट पर थोड़ा-थोड़ा निवेश (Buy on Dips) करना जोखिम को कम करेगा।
चांदी में सावधानी: चांदी में उतार-चढ़ाव (Volatility) सोने के मुकाबले बहुत ज्यादा है, इसलिए छोटे निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए।