सतना के नजीराबाद इलाके में शासकीय आराजी से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रशासन, अतिक्रमणकारियों और राजनीतिक दबाव की तस्वीर सामने आई। किराए पर चलाई जा रही गुमटी हटाई गई, पार्षद ने विरोध जताया और कब्जाधारी ने हाईकोर्ट में मामला लंबित होने का दावा किया।
By: Star News
Jan 03, 202612:27 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
नजीराबाद में शासकीय आराजी से अवैध कब्जा शुक्रवार को हटाया गया, लगभग 3 घंटे तक चली कार्रवाई में दो लोगों के कब्जे से शासकीय जमीन को मुक्त कराते हुए उसे शासकीय घोषित किया गया। बताया जाता है कि नगर निगम के 40 बाई 70 के इस प्लाट पर पुराना बस स्टैंड प्रस्तावित था। इस आराजी पर गुडडू बैला पिता मो. इदरीश एवं मो. मकसूद पिता गुल्लू खां द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लगभग 13 फिट लम्बी और 10 फिट चौड़ी गुमटी बना ली थी और उसे किराए पर दे रखा था। बताया जाता है कि दुकान पर नल फिटिंग का सामान बेंचा जा रहा था।
पार्षद ने कार्रवाई का जताया विरोध
बताया जाता है कि जिस वक्त अवैध कब्जे से शासकीय आराजी मुक्त कराने की कार्रवाई चल रही थी उसी दौरान वार्ड पार्षद द्वारा इस कार्रवाई का विरोध किया गया लेकिन एसडीएम के द्वारा शासकीय काम में बाधा डालने की बात पर पार्षद थोड़े विरोध के बाद ठंड पड़ गए।
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हाईकोर्ट में चल रहा मामला
उधर कार्रवाई के विरोध में मो. सरीफ उर्फ गुडडू ने बताया कि जिस आराजी को शासकीय बताकर अतिक्रमण हटाया गया वह 2000 से जमीना बेगम के नाम एलाट है और 2001 में उसमें लकड़ी के टाल का लाइसेंस मिला है। जमीन को पटटे की करने के लिए हाईकोर्ट और स्थानीय अदालत में आवेदन भी लगा हुआ है। बावजूद इसके प्रशासन ने बगैर कोई नोटिस दिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की है।
नहीं सीज की मांस की दुकान
इस बीच मीट मार्केट में संचालित एक मांस की दुकान को भी सीज करने की कार्रवाई नगर निगम द्वारा की जानी थी लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते दुकान संचालक को सिर्फ समझाइस दी गई और दुकान सीज नहीं की गई।
नजीराबाद में शासकीय आराजी पर दो लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर गुमटियां बना ली थीं, जिन्हें हटाया गया और उन्हें दोबारा शासकीय जमीन पर अतिक्रमण न करने की हिदायत दी गई।
राहुल सिलाड़िया, एसडीएम
नगर निगम के प्लाट जिस पर पुराना बस स्टैंड प्रस्तावित था, उसमें अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया था जिसे हटा दिया गया। कब्जाधारियों को निर्देशित किया गया है कि वे दोबारा शासकीय आराजी पर कब्जा न करें।
एपी सिंह, अतिक्रमण दस्ता प्रभारी नगर निगम