इंदौर में चाइनीज मांझे से हुई मौत के बाद प्रशासन सख्त। कलेक्टर शिवम वर्मा ने आदेश जारी कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत कड़ी कार्रवाई और जेल का प्रावधान किया है।

जांच और आगाह करते पुलिस अधिकारी.
इंदौर: स्टार समाचार वेब
पतंगबाजी के शौकीनों के लिए इंदौर प्रशासन ने एक बेहद सख्त चेतावनी जारी की है। शहर में चाइनीज मांझे के कारण हो रहे जानलेवा हादसों को देखते हुए इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। हाल ही में एक व्यक्ति की मृत्यु और कई लोगों के घायल होने की घटनाओं के बाद अब प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि प्रतिबंधित मांझे के उपयोग से किसी की जान जाती है या कोई गंभीर घायल होता है, तो इसे केवल 'हादसा' नहीं बल्कि 'आपराधिक कृत्य' माना जाएगा।
कलेक्टर द्वारा जारी ताजा आदेश के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति चोरी-छिपे चाइनीज मांझे का उपयोग करता है और उससे किसी राहगीर या पक्षी को नुकसान पहुँचता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 106(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इस धारा के अंतर्गत उतावलेपन या उपेक्षापूर्ण कार्य से किसी की मृत्यु कारित करने पर दोषी को 5 साल तक की जेल और भारी जुर्माने की सजा भुगतनी पड़ सकती है। इसके अलावा, आदेश के उल्लंघन पर धारा 223 के तहत भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


प्रशासन के संज्ञान में आया है कि प्रतिबंध के बावजूद गुपचुप तरीके से चीनी धागे (नायलोन या कांच युक्त मांझा) की बिक्री और उपयोग जारी है। यह धागा इतना खतरनाक है कि हवा में अदृश्य रहकर दोपहिया वाहन चालकों के गले और शरीर को गंभीर रूप से काट देता है। कलेक्टर ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह मांझा न केवल इंसानों के लिए जानलेवा है, बल्कि आकाश में उड़ने वाले बेकसूर पक्षी भी इसमें उलझकर दम तोड़ रहे हैं। सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत यह दंडात्मक व्यवस्था लागू की गई है।
आदेश जारी होने के साथ ही इंदौर पुलिस ने जिले भर में पतंग और धागे की दुकानों पर तलाशी अभियान तेज कर दिया है। पुलिस उन क्षेत्रों पर विशेष नजर रख रही है जहाँ पतंगबाजी का अधिक चलन है। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे सूती और सुरक्षित धागे का ही उपयोग करें। यदि कहीं प्रतिबंधित मांझे की बिक्री या उपयोग की सूचना मिलती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। यह आदेश स्पष्ट संदेश देता है कि अब 'अज्ञात' कहकर अपराधी बच नहीं पाएंगे, बल्कि उनकी पहचान कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

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