पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह के निर्देश पर इंदौर में हेलमेट पहनने को लेकर सख्ती, ड्यूटी पर बिना हेलमेट आए पुलिसकर्मियों का भी कटा चालान, सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बाद लिया गया एक्शन।

इंदौर. स्टार समाचार वेब
शहर में हेलमेट पहनने को लेकर बरती जा रही सख्ती अब पुलिस विभाग के भीतर भी दिखाई देने लगी है। मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम पलासिया में ही ड्यूटी पर बिना हेलमेट पहुंचे कई पुलिसकर्मियों के चालान काटे गए। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने कुछ जवानों ने बहस करने की कोशिश की, लेकिन वे जुर्माने से बच नहीं पाए।
वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया सख्त रुख
दरअसल, पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने पहले ही विभाग के कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने की चेतावनी दी थी। तीन दिन की समझाइश के बाद मंगलवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में सख्ती दिखाई गई। खुद ड्यूटी पर बिना हेलमेट आने वाले पुलिसकर्मियों के चालान काटे गए। कुछ से मौके पर ही जुर्माना वसूला गया, जबकि कुछ को ऑनलाइन भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
सोशल मीडिया ट्रोलिंग बनी सख्ती की वजह
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब डीसीपी आनंद कल्यादगी और उनके अधीनस्थ स्टाफ ने राजवाड़ा सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर दो दिन तक हेलमेट सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया था और एक पुलिस रैली भी निकाली थी। इस दौरान सोशल मीडिया पर कई पुलिसकर्मियों को ही बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते हुए देखा गया, जिसके कारण पुलिस विभाग को जनता की भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।
"पहले खुद नियम मानो"
आम नागरिकों का कहना था कि जब पुलिस खुद यातायात नियमों का पालन नहीं करती, तो वे दूसरों पर नियम थोपने के लिए दबाव क्यों बना रही है। यह बात जब पुलिस कमिश्नर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँची, तो कमिश्नर ने इस पर सख्ती दिखाते हुए विभाग के अंदर ही हेलमेट पहनने को अनिवार्य कर दिया था।
पुलिस कमिश्नर के इस एक्शन को डिपार्टमेंट के अंदर और बाहर, दोनों जगह नियमों के प्रति 'ज़ीरो टॉलरेंस' (शून्य सहिष्णुता) की नीति के रूप में देखा जा रहा है।

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