फ्रिज में गूंथा हुआ आटा रखना पाचन के लिए खतरनाक हो सकता है। जानें कैसे बासी आटा गैस और एसिडिटी का कारण बनता है और इसे सुरक्षित रखने के बेस्ट कुकिंग टिप्स।
By: Ajay Tiwari
Feb 16, 20264:10 PM
लाइफ स्टाइल डेस्क। स्टार समाचार वेब
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में समय बचाने के लिए फ्रिज में गूंथा हुआ आटा रखना एक आम जरूरत बन गया है। सुबह की जल्दी में यह आदत भले ही सुविधाजनक लगे, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह आपकी सेहत के साथ एक गंभीर खिलवाड़ हो सकता है। बासी आटे की रोटियां न केवल स्वाद खो देती हैं, बल्कि आपके पाचन तंत्र के लिए "धीमा जहर" भी साबित हो सकती हैं।
आइए गहराई से समझते हैं कि फ्रिज में रखा आटा कब और क्यों खतरनाक हो जाता है और इसे सुरक्षित रखने के सही तरीके क्या हैं।
जब हम आटे को गूंथकर लंबे समय तक छोड़ देते हैं, तो उसमें सूक्ष्म जैविक और रासायनिक परिवर्तन शुरू हो जाते हैं, जो शरीर के लिए हानिकारक हैं:
कम तापमान के बावजूद, फ्रिज में आटे के फर्मेंटेशन (खमीर उठने) की प्रक्रिया पूरी तरह नहीं रुकती। आटे का pH लेवल बदलने लगता है, जिससे रोटियां खाने के बाद पेट में भारीपन, गैस और गंभीर एसिडिटी की समस्या हो सकती है।
आटा गूंथते ही हवा के संपर्क में आने से उसमें मौजूद विटामिन्स और मिनरल्स का ऑक्सीकरण होने लगता है। लंबे समय तक रखे रहने से इसकी पोषण क्षमता लगभग समाप्त हो जाती है।
स्टोर किए गए आटे में मौजूद ग्लूटन (प्रोटीन) अपनी प्राकृतिक संरचना खो देता है। इसके परिणामस्वरूप रोटियां सख्त बनती हैं, जिन्हें चबाना और पचाना दोनों ही शरीर के लिए मुश्किल हो जाता है।
यदि आप फ्रिज में रखा आटा इस्तेमाल कर रहे हैं, तो इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें:
अप्रिय गंध: यदि आटे से हल्की खट्टी या सिरके जैसी महक आ रही हो।
रंग में बदलाव: आटे की ऊपरी परत का काला, गहरा ग्रे या मटमैला पड़ जाना।
अत्यधिक चिपचिपापन: छूने पर आटा जरूरत से ज्यादा लसदार या हाथों में चिपकने लगे।
विशेषज्ञ हमेशा ताजे आटे की सलाह देते हैं, लेकिन यदि स्टोर करना जरूरी हो, तो इन सुरक्षा उपायों का पालन करें:
संवेदनशील पाचन तंत्र वाले व्यक्तियों, छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भूलकर भी बासी आटे की रोटियां नहीं देनी चाहिए। यह फूड पॉइजनिंग, जी मिचलाना, दस्त और त्वचा संबंधी एलर्जी का कारण बन सकता है।