जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी के 'जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा' वाले बयान पर विरोध तेज। भोपाल में VHP और बजरंग दल ने प्रदर्शन कर पुतला फूंका और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
By: Star News
Nov 30, 20254:29 PM
भोपाल. स्टार समाचार वेब
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी के 'जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा' वाले बयान को लेकर देश में विरोध तेज़ हो गया है। इसी कड़ी में, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रविवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रोशनपुरा चौराहे पर उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मौलाना मदनी के बयान को 'देश और हिंदू समाज के खिलाफ' बताते हुए उनके पुतले पर जूते-चप्पलों की माला पहनाई, उस पर जूते फेंके और अंत में पुतले को फूँक दिया। संगठनों ने इस बयान के लिए मदनी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्रदर्शन के दौरान विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सह मंत्री जितेंद्र चौहान ने मौलाना मदनी के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा, "जिहाद जब तक चलेगा... जुल्म होगा, तो मदनी बताएं कि कहाँ जुल्म हो रहा है।" उन्होंने आरोप लगाया कि मदनी लगातार वंदे मातरम और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का विरोध करके मुस्लिम युवाओं को बहका रहे हैं और 'जिहाद और गृह युद्ध' की तैयारी कर रहे हैं। चौहान ने याद दिलाया कि आजादी से पहले मुसलमानों के लिए पाकिस्तान बन चुका है, और अब उन्हें कौन सा पाकिस्तान चाहिए।
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने मदनी पर मुस्लिम युवाओं को 'जुल्म, जन्नत और जिहाद' जैसे नारों के नाम पर भटकाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ कट्टरपंथी तत्व देश की न्याय व्यवस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान को आहत करने की कोशिश कर रहे हैं। बंसल ने मुस्लिम समाज से अपील की कि वे ऐसे कट्टरपंथी तत्वों से दूरी बनाएँ। उन्होंने 'हलाल' के नाम पर अवैध कमाई कर आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिश का भी आरोप लगाया।

पोस्टर पर लिखा संदेश:
प्रदर्शनकारी 'मौलाना मदनी मुर्दाबाद' लिखे पोस्टरों के साथ पहुँचे, जिन पर एक नारा भी लिखा था: "भारत में यदि रहना होगा, वंदे मातरम कहना होगा।"
जमीयत उलेमा-ए-हिंद की गवर्निंग बॉडी की बैठक में शनिवार को मौलाना महमूद मदनी ने कहा था कि मौजूदा दौर में इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ नफरत बढ़ाने की कोशिशें तेज हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 'लव जिहाद, लैंड जिहाद, थूक जिहाद' जैसे शब्द मुसलमानों को बदनाम करने के लिए गढ़े गए हैं, जबकि इस्लाम में जिहाद का अर्थ अन्याय और जुल्म के खिलाफ संघर्ष है, और "जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा।"