माघ मेला 2026 की शुरुआत के साथ ही प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने सतना और मैहर जंक्शन पर विशेष होल्डिंग एरिया तैयार किए हैं। प्लेटफॉर्म भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, विश्राम और सुविधाओं को लेकर महाकुंभ मॉडल पर व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
संगमनगरी प्रयागराज माघ मेला के लिए इस बार महाकुंभ की तर्ज पर ही स्टेशन पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। रेलवे ने व्यवस्थाओं को लेकर अपनी कमर कस रखी है। मैहर एवं सतना जंक्शन में होल्डिंग एरिया बनाया गया है। सबसे खास बात यह है कि स्टेशन में इस बार सेकेंड इंट्री गेट के पास नहीं बल्कि आरपीएफ पोस्ट के सामने एक होल्डिंग एरिया बनाया गया है। वहीं कॉनकोर में भी एक होल्डिंग एरिया तैयार किया गया है। इन दोनों जगहों पर श्रद्धालुओं व यात्रियों के विश्राम की व्यवस्था होगी। स्टेशन री-डेवलपमेंट के चल रहे कार्य की वजह से सेकेंड इंट्री गेट के पास अस्थायी टेंट का निर्माण नहीं हो सका है।
इस वर्ष माघ मेला तीन जनवरी से 15 फरवरी तक होगा। मेला अवधि में जबलपुर- सतना-प्रयागराज रेलमार्ग पर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ का अनुमान है। इसे देखते हुए जबलपुर-मानिकपुर के बीच व्यस्त स्टेशनों पर अतिरिक्त रेल कर्मियों की तैनाती की गई है। जबलपुर मंडल अधिकारियों ने महाकुंभ की तर्ज पर श्रद्धालुओं की भीड़ के नियंत्रण और ट्रेनों की आवाजाही सुचारु बनाए रखने की योजना बनाई।
प्रतिदिन 4-5 हजार भीड़ का अनुमान
रेलवे का अनुमान है कि माघ मेला के दौरान मैहर, सतना और कटनी स्टेशन में यात्री भार बढ़ेगा। इन स्टेशनों के प्लेटफार्म पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए परिसर में बाहर अस्थाई होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे। इन होल्डिंग एरिया में दो से 4 हजार तक यात्री रुक सकेंगे। कई घंटे पहले स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों को होल्डिंग एरिया में ट्रेन के प्रस्थान करने के समय से आधा घंटे पूर्व तक ठहराया जाएगा। होल्डिंग एरिया में यात्रियों के पीने के पानी, बैठने के लिए कुर्सियां सहित अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
बताया गया कि सतना जंक्शन में माघ मेले के दौरान रेलवे प्रतिदिन 4 से 5 हजार यात्रियों के आवागमन का अनुमान लगाया है। प्रमुख स्नान पर्वो पर यह भी और बढ़ सकती है। हालांकि सामान्य दिनों में 20 से 25 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। बताया गया कि यात्री भीड़ को देखते हुए स्पेशल ट्रेनों के चलाने का प्लान रेलवे ने कर रखा है।
2024 का प्लान लागू
जबलपुर डिवीजन के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक डॉ. मधुर वर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य सरकार से प्राप्त यात्री अनुमानों, माघ मेला -2024 के परिचालन अनुभव तथा वास्तविक भीड़ प्रवृत्तियों के आधार पर विशेष ट्रेन सेवाओं एवं अतिरिक्त परिचालन की योजना बनाई गई है। माघ मेला-2026 के दौरान जबलपुर रेल मंडल के प्रमुख स्टेशनों सतना, मैहर, कटनी, कटनी मुड़वारा, जबलपुर एवं रीवा पर प्रतिदिन हजारों यात्रियों के आवागमन का अनुमान है। इसके मद्देनजर प्लेटफॉर्म प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, यात्री मार्गदर्शन, सुरक्षा एवं संरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। यात्रियों की सुविधा एवं भीड़ नियंत्रण करने के लिए होल्डिंग एरिया विकसित किया गया है। मैहर 2000 वर्गफुट तो सतना में 4000 वर्गफुट का होल्डिंग एरिया बनाया गया है।
सहायक सुरक्षा आयुक्त ने जांची स्टेशन की सुरक्षा
माघ मेला की तैयारियों को लेकर जबलपुर मंडल के सहायक सुरक्षा आयुक्त बीपी कुशवाहा ने स्टेशन का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था जांची। शुक्रवार को सहायक सुरक्षा आयुक्त ने पूरे स्टेशन का निरीक्षण किया एवं आरपीएफ स्टाफ को संबंधित दिशा- निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान चैन पुलिंग की रोकथाम,यात्रियों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहने व चौकन्ने होकर ड्यूटी करने के निर्देश दिए।
इस तरह होंगी सतना जंक्शन में व्यवस्थाएं
इस तरह रहेगी आश्रय स्थल पर व्यवस्था
इन प्रमुख स्नान तिथियों में भीड़ संभावित
3 जनवरी - पौष पूर्णिमा
15 जनवरी - मकर संक्रांति
18 जनवरी - मौनी अमावस्या
23 जनवरी - बसंत पंचमी
01 फरवरी - माघी पूर्णिमा
15 फरवरी – महाशिवरात्रि

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दतिया विधानसभा उप निर्वाचन 2026 की तैयारियों की समीक्षा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने की। स्वीप गतिविधियों और मतदान जागरूकता अभियान के माध्यम से शत-प्रतिशत मतदान का लक्ष्य।
सतना जिले में जुलाई के 14 दिन बीतने के बाद केवल 33.17 प्रतिशत राशन कार्डधारकों तक खाद्यान्न पहुंचा। जैतवारा सबसे आगे रहा, जबकि चित्रकूट में वितरण महज 3.75 प्रतिशत दर्ज होने से व्यवस्था पर सवाल उठे।
रेलवे ने रेलवन ऐप से जनरल टिकट बुकिंग के नियम बदल दिए हैं। 15 जुलाई से ऑनलाइन टिकट पर दर्ज आईडी और मूल पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा, जबकि स्क्रीनशॉट और व्हाट्सएप टिकट मान्य नहीं रहेंगे।
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मध्यप्रदेश में दतिया उपचुनाव के बीच सरकार ने कैबिनेट में बड़ा बदलाव किया है। इससे अब कायस लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही कई और मंत्रियों के विभाग बदले जाएंगे। हालिया बदला की बात करें तो स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री लखन पटेल से पशुपालन एवं डेयरी विभाग वापस ले लिया है।
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