मैहर बायपास पर 31.15 करोड़ रुपये की लागत से इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) तैयार हो चुका है। हालांकि बस ऑपरेटर इसे अपनाने से कतरा रहे हैं। परमिट दूरी, टैक्स स्लैब, दफ्तर की जगह और अन्य सुविधाओं की कमी को बड़ी अड़चन बताया जा रहा है। 25 सितंबर को कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक कर समस्या का हल खोजने की कोशिश होगी।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
मैहर बाईपास में 31.15 करोड़ रुपए की लागत से इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) बस स्टैंड बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन फिलहाल जिले के बस आॅपरेटर नवनिर्मित बस स्टैंड में जाने को तैयार नहीं हैं। इसी को लेकर आगामी 25 सितम्बर को कलेक्टर द्वारा बस आॅपरेटरों के साथ एक बैठक कर समस्या का समाधान निकालने की पहल की गई है। फिलहाल बस आॅपरेटरों के तर्कों को माने तो बगैर मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव किए अथवा बसों के परमिट की दूरी व टैक्स स्लैब में बगैर बदलाव के नए बस स्टैंड से बसों का संचालन संभव होता नहीं दिख रहा है।
बड़े बदलाव करने होेंगे : गौतम
बस स्टैंड की शिफ्टिंग को लेकर प्रशासन और बस आॅपरेटरों के बीच चल रही खींचतान पर बस आॅनर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष कमलेश गौतम का दावा है कि फिलहाल नए बस स्टैंड से बसों का संचालन संभव नहीं है। इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि बसों के परमिट की एक निश्चित टाइमिंग होती है और उसी टाइमिंग के हिसाब से बसों का संचालन होता है तथा दूरी के हिसाब से टैक्स निर्धारित किया जाता है। नए बस स्टैंड से बसों के संचालन से परमिट की दूरी व टैक्स के स्लैब में बदलाव करना होगा। और यह बदलाव नगर निगम और जिला प्रशासन के वश की बात नहीं है। नियमों में परिवर्तन कर रही बदलाव किए जा सकते हैं।
हर साल लगभग 54 लाख की वसूली
बस आॅनर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष कमलेश गौतम ने बसों के परमिट की दूरी व टैक्स के अलावा नए बस स्टैंड से बसों के संचालन में आने वाली अन्य व्यवहारिक दिक्कतों का जिक्र करते हुए कहा कि नए बस स्टैंड में बस आॅपरेटरों के लिए न तो कोई आफिस की जगह दी गई है और न ही अन्य सुविधाएं, बस आॅपरेटर बैठेंगे कहां? उन्होंने कहा कि ओपन टेंडर कर व्यवसाइयों के लिए रास्ते खोल दिए गए हैं। जब स्टैंड में दुकानें नहीं मिलेंगी तो बस आॅपरेटर कहां से अपनी बसों का संचालन करेगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल पुराने बस स्टैंड में नगर निगम द्वारा सालाना 54 लाख रुपए के राजस्व की वसूली की जा रही है। श्री गौतम ने बताया कि लगभग 500 बसों का संचालन प्रतिदिन बस स्टैंड से होता है और 30 रुपए की वसूली निगम द्वारा प्रति बस से की जाती है जो रोजाना 15 हजार रुपए होती है। यही वसूली नए बस स्टैंड से होगी पर बस आॅपरेटरों के लिए फिलहाल सुविधाएं कुछ नहीं हैं ऐसे में नए स्टैंड से बसों का संचालन संभव नहीं है।
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक 25 को
अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संजय श्रीवास्तव ने बताया कि सतना-मैहर बायपास पर नया (आईएसबीटी) बस स्टैंड तैयार हो चुका है जिसको शीघ्र प्रारंभ किया जाना है। पुराना बस स्टैंड को नए (आईएसबीटी) बस स्टैंड में शिफ्ट में किया जायेगा। इस कार्य के लिए सुझाव एवं अन्य विषयों पर चर्चा और सड़क सुरक्षा समिति की बैठक 25 सितंबर को प्रात: 10.45 बजे से कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की जायेगी। बैठक में अध्यक्ष जिला बस आनर्स एसोसिएशन, जिम्मेवार सदस्यों एवं अपने महत्वपूर्ण सुझावों के साथ उपस्थित रहने का आग्रह किया है।

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