मध्यप्रदेश में स्वामी विवेकानंद जयंती से 'संकल्प से समाधान' अभियान शुरू हो रहा है। 31 मार्च तक चलने वाले इस अभियान में 4 चरणों में पात्र हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।

हर वार्ड और पंचायत में आवेदनों के एकत्रीकरण के लिए समर्पित दल।
जिला स्तरीय शिविरों की अध्यक्षता जिलों के प्रभारी मंत्री करेंगे।
हर आवेदन की स्थिति सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर ट्रैक की जा सकेगी।
कलेक्टर्स को स्थानीय स्तर पर नई पहल और नवाचार करने की छूट दी गई है।
भोपाल: स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में सुशासन के संकल्प को सिद्ध करने के लिए "संकल्प से समाधान" अभियान की घोषणा की है। स्वामी विवेकानंद की जयंती यानी 'युवा दिवस' (12 जनवरी) से शुरू होने वाला यह महाअभियान 31 मार्च 2026 तक चलेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए यह जरूरी है कि जनता की समस्याओं का निराकरण उनके द्वार पर ही हो।
चार चरणों में होगा समाधान, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही छूट न पाए
प्रथम चरण (12 जनवरी - 15 फरवरी): इस दौरान ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों में समितियां गठित कर घर-घर जाकर आवेदन और शिकायतें एकत्रित की जाएंगी।
द्वितीय चरण (16 फरवरी - 16 मार्च): क्लस्टर और जोन स्तर पर शिविर लगाकर प्राप्त आवेदनों का मौके पर निराकरण किया जाएगा।
तृतीय चरण (16 मार्च - 26 मार्च): विकासखंड (ब्लॉक) स्तर पर नोडल अधिकारियों की उपस्थिति में शेष रह गई समस्याओं का समाधान होगा।
चतुर्थ चरण (26 मार्च - 31 मार्च): जिला स्तर पर प्रभारी मंत्रियों की अध्यक्षता में विशाल शिविर लगेंगे, जहाँ हितग्राहियों को ससम्मान लाभ वितरित किया जाएगा।
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डिजिटल निगरानी और पारदर्शिता
अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पारदर्शिता है। पूरी प्रक्रिया सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाएगी। नागरिकों के लिए पोर्टल पर अग्रिम पंजीकरण की सुविधा भी होगी, जिससे वे अपनी सुविधा के अनुसार शिविर का चयन कर सकेंगे। उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा, वहीं लापरवाही बरतने वालों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। जिलों के प्रभारी मंत्री और कलेक्टर नियमित रूप से इस अभियान की प्रगति की समीक्षा करेंगे।

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