मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सीधी कलेक्टर स्वरोंचिष सोमवंशी पर कोर्ट में जवाब न देने पर 10 हजार रुपए का व्यक्तिगत जुर्माना लगाया। मामला भूमि अधिग्रहण मुआवजे में कटौती से जुड़ा है।
By: Star News
Nov 30, 20254:35 PM
जबलपुर. स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सीधी कलेक्टर स्वरोंचिष सोमवंशी पर अदालत में उचित जवाब और हलफनामा (Affidavit) प्रस्तुत न करने के कारण 10,000 रुपए का व्यक्तिगत जुर्माना (कॉस्ट) लगाया है। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने स्पष्ट किया है कि यह राशि कलेक्टर को निजी तौर पर जमा करनी होगी।
यह मामला सीधी निवासी सीता सिंह द्वारा दायर एक याचिका से संबंधित है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने उनकी भूमि का अधिग्रहण किया था, जिसके लिए शुरुआत में मुआवजा राशि 1 करोड़ 10 लाख 52 हजार रुपए निर्धारित की गई थी। हालांकि, बाद में एक नया आदेश जारी करके इस अवॉर्ड राशि को घटाकर मात्र 5 लाख 40 हजार रुपए कर दिया गया। याचिका में इस कटौती को चुनौती देते हुए कहा गया था कि भूमि अधिग्रहण की पूरी कानूनी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद दूसरा आदेश जारी कर मुआवजा राशि कम करना विधि सम्मत नहीं है।
हाईकोर्ट ने सीधी कलेक्टर से जवाब मांगा था कि जब अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, तो दूसरा आदेश जारी कर अवॉर्ड राशि में कटौती क्यों की गई? कोर्ट ने पाया कि कलेक्टर की ओर से कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि कलेक्टर के हस्ताक्षर से दायर हलफनामा, पहले से सरकार द्वारा दाखिल स्टेटस रिपोर्ट की हूबहू नकल था। इसमें उस मुख्य मुद्दे का कोई उल्लेख नहीं था, जिस पर अदालत ने स्पष्ट जानकारी मांगी थी। अदालत ने इसे गंभीरता से लिया और कलेक्टर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में तलब किया।
हाईकोर्ट के आदेश पर सीधी कलेक्टर स्वरोंचिष सोमवंशी एकलपीठ के समक्ष उपस्थित हुईं और उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफीनामा प्रस्तुत किया। अदालत ने उनके माफीनामे को स्वीकार करते हुए उन पर 10,000 रुपए की व्यक्तिगत कॉस्ट लगाई। साथ ही, कोर्ट ने उन्हें अवॉर्ड के संबंध में पारित किए गए दूसरे आदेश को स्पष्ट करने वाला नया हलफनामा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।