मध्य प्रदेश नर्सिंग भर्ती 2024 गजट नियमों के उल्लंघन को लेकर हाईकोर्ट पहुंची। जानें क्यों एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर सीधी भर्ती को दी गई चुनौती।
By: Ajay Tiwari
Jan 10, 20266:26 PM
प्रमोशन के लिए आरक्षित पदों को सीधी भर्ती में क्यों बदला गया?
25 वर्षों तक सेवा देने वाले अनुभवी अफसरों को नियमित पदोन्नति क्यों नहीं मिली?
यदि ये अफसर अयोग्य थे, तो वर्षों तक इनसे ऊंचे पदों पर अस्थायी काम क्यों लिया गया?
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा निकाली गई नर्सिंग फैकल्टी भर्ती कानूनी पचड़े में फंस गई है। प्रदेश के 67 अनुभवी नर्सिंग ऑफिसरों ने वर्ष 2024 के राजपत्र (गजट) के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायमूर्ति विशाल धगत की एकलपीठ ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव सहित अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब-तलब किया है।
क्या है पूरा विवाद?
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता अभिषेक पांडेय और अंशुल तिवारी के अनुसार, वर्ष 2024 की गजट अधिसूचना स्पष्ट करती है कि एसोसिएट प्रोफेसर के 100% पद पदोन्नति (Promotion) से भरे जाने चाहिए, लेकिन विभाग ने नियमों के विरुद्ध 40 पदों पर सीधी भर्ती निकाल दी। इसी प्रकार, असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भी 60% प्रमोशन कोटे को समाप्त कर सभी पदों को सीधी भर्ती में बदल दिया गया है।
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अनुभव की अनदेखी का आरोप
याचिका में कहा गया है कि जब नर्सिंग कॉलेजों में सीबीआई जांच के कारण संकट था, तब इन्हीं 10 से 25 साल के अनुभवी नर्सिंग ऑफिसरों ने अस्थायी प्रभार संभालकर सेवाएं दी थीं। अब प्रमोशन के समय उन्हें हक से वंचित कर सीधी भर्ती निकालना उनके साथ अन्याय है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान भर्ती प्रक्रिया अब हाईकोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन रहेगी।