सेबी ने एनएसई और बीएसई के वायदा-विकल्प अनुबंधों की समाप्ति तिथियों में बदलाव को मंजूरी दी। एनएसई में अब मंगलवार और बीएसई में गुरुवार को होगी एक्सपायरी।

नई दिल्ली, स्टार बिज़नेस डेस्क
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को उसके इक्विटी वायदा-विकल्प (F&O) अनुबंधों की समाप्ति तिथि मंगलवार निर्धारित करने के प्रस्ताव पर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की मंजूरी मिल गई है। वहीं, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के एफएंडओ अनुबंध अब गुरुवार को समाप्त होंगे।
यह बदलाव मौजूदा एक्सपायरी व्यवस्था को उलट देगा, जिसमें अभी तक एनएसई के एफएंडओ अनुबंध गुरुवार और बीएसई के अनुबंध मंगलवार को समाप्त होते हैं।
सेबी ने दोनों एक्सचेंजों को दी अनुमति
दोनों एक्सचेंजों ने अलग-अलग परिपत्र जारी कर बताया कि उन्हें प्रस्तावित नई समाप्ति तिथियों पर सेबी की स्वीकृति मिल गई है। शेयर बाजारों ने कहा:
"सेबी ने एनएसई के प्रस्तावित एक्सपायरी दिन (मंगलवार) और बीएसई के प्रस्तावित एक्सपायरी दिन (गुरुवार) को मंजूरी दी है।"
1 सितंबर 2025 से लागू होगा नया नियम
नई समाप्ति तिथि की व्यवस्था उन सभी नए एफएंडओ अनुबंधों पर लागू होगी, जिनकी समाप्ति 1 सितंबर 2025 या उसके बाद होगी।
हालांकि, 1 सितंबर से पहले समाप्त होने वाले मौजूदा अनुबंधों पर यह बदलाव लागू नहीं होगा और वे वर्तमान समय-सारिणी के अनुसार ही चलते रहेंगे।
शेयर बाजारों ने यह भी स्पष्ट किया कि लंबी अवधि के सूचकांक विकल्प अनुबंध इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे और उनकी समाप्ति तिथि यथावत रहेगी।
क्या है बदलाव का उद्देश्य?
यह बदलाव बाजार सहभागियों को बेहतर तरलता, कम प्रतिस्पर्धा टकराव और बेहतर हेजिंग अवसर प्रदान करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। यह दोनों एक्सचेंजों को अलग-अलग दिन पर अनुबंध समाप्ति की सुविधा देगा, जिससे ट्रेडर्स को अपनी रणनीति अलग-अलग दिन के अनुसार व्यवस्थित करने में आसानी होगी।
आगे क्या?
दोनों एक्सचेंजों ने संकेत दिया है कि वे इस बदलाव को लागू करने के लिए जल्द ही एक विस्तृत परिचालन परिपत्र जारी करेंगे, जिसमें लागू करने की प्रक्रिया, कार्यप्रणाली और अन्य तकनीकी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।


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एशियाई बाजारों में हाहाकार और कच्चे तेल के 85 डॉलर के पार जाने के बावजूद आज भारतीय शेयर बाजार हरे निशान पर खुला। एशियाई बाजार के शुरुआती कारोबार में चिपमेकर कंपनियों के शेयर लगातार बेचे जाने से दबाव में रहे।
भारतीय शेयर बाजार आज भी हरे निशान पर खुला और वह भी तब जब एशियाई बाजारों में आज चौतरफा भारी बिकवाली का माहौल है। कच्चे तेल की भी कीमतें और बढ़ी हैं। एशियन मार्केट पूरी तरह से क्रैश हो गया है। वहीं भारतीय शेयर बाजार ने अपनी अद्भुत मजबूती का प्रदर्शन किया है।
आज अमेरिकी मुद्रास्फीति में अप्रत्याशित नरमी के बाद भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई। बैंक और वित्तीय शेयरों ने बढ़त का नेतृत्व किया। अधिकांश क्षेत्रीय सूचकांकों ने सकारात्मक रुझान दिखाया।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इथेनॉल ईंधन का पुरजोर समर्थन करते हुए इस पर लगे निजी हितों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में 100 फीसदी पेट्रोल का विकल्प मौजूद है, लेकिन इसके लिए उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी होगी।
भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से शेयर मार्केट पर काफी असर पड़ा है। सेंसेक्स टूटकर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी गिरावट के साथ निचले स्तर पर आ गया।
13 जुलाई 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट। जानें क्या हैं दाम, गिरावट के मुख्य कारण और एक्सपर्ट्स की निवेश को लेकर दी गई सलाह।
ईरान पर अमेरिका के ताबड़तोड़ हमले के बाद शेयर बाजार में एक बार फिर हाहाकार मच गया है। निफ्टी और सेंसेक्स गिरावट के साथ खुले हैं। ईरान ने स्ट्रेट आफ होर्मुज को बंद कर दिया है, जिससे कच्चे तेल के दाम में फिर उछाल आ गया है। कच्चे तेल में तेजी से शेयरों में गिरावट आ गई है जबकि ओएनजीसी के स्टॉक उछल गए हैं।
आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत शानदार रही। सेंसेक्स और निफ्टी तेजी के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार में रौनक लौटती हुई नजर आई। वहीं, चुनिंदा एफएमसीजी और फार्मा शेयरों में सीमित कारोबार देखने को मिला।
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