सतना में डाइट प्राचार्य द्वारा कलेक्टर और सीईओ को बायपास कर प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी को भेजी गई फाइल से एक भृत्य का निलंबन हो गया। सीनियर-जूनियर पदक्रम की अनदेखी, नियमों की व्याख्या और शिक्षक निलंबन ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
By: Star News
Jan 02, 20264:02 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
यहां के एक सीनियर मोस्ट अधिकारी ने अपने से जूनियर को फाइल भेज कर एक अदने से कर्मचारी को निलंबित करा दिया। यह काम उस सीनियर मोस्ट ने पदेन अधिकारियों को बायपास कर किया। मजेदार तो यह है कि इस अदने से कर्मचारी को निलंबित करने के लिए एकल नश्ती भेजी थी।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य ने अपने उच्च पदस्थ एवं पदेन अपर मिशन संचालक और जिला मिशन लीडर को बायपास कर प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी को फाइल भेज दी। इस फाइल में एक चपरासी को निलंबित करने का प्रस्ताव था जिस पर प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी ने उस चपरासी को निलंबित कर दिया।
जानकारी के मुताबिक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) के प्राचार्य ने एकन नश्ती क्रमांक 1057 दिनांक 30.12.2025 में भृत्य आनंद कुमार रावत के बिना सूचना 22 अक्टूबर 2025 से अनुपस्थित रहने पर निलंबन का प्रस्ताव भेजा था जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने पत्र क्रमांक 2219/ सतर्कता/भृत्य/2026 दिनांक 1.1.2026 के तहत निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में रावत का केन्द्र रामपुर बाघेलान का विकासखंड शिक्षा अधिकारी रहेगा।
अब इस बात की चर्चा है कि डाइट प्राचार्य का पद स्वयं उपसंचालक स्तर का है और वर्तमान में संभाग के सीनियर मोस्ट उपसंचालक सच्चिदानंद पांडेय डाइट में प्राचार्य हैं। इनसे जूनियर प्रभारी डीईओ हैं। श्रीमती कंचन श्रीवास्तव असल में प्लस टू प्राचार्य हैं जो कि उपसंचालक से दो पद नीचे का पद है। इसके बाद भी डाइट प्राचार्य ने अपर मिशन संचालक यानि सीईओ और मिशन लीडर यानि कलेक्टर ने प्रस्ताव न भेज कर जूनियर प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी को भेज दी। कहा यह भी जा रहा है कि जिला शिक्षा अधिकारी के अंडर में ही भृत्य आते हैं लेकिन कायदों का ध्यान प्राचार्य नहीं रख पाए और प्रस्ताव सीधे जिला शिक्षा अधिकारी को भेज दिया।
8 दिन से आ रहा, नव वर्ष कर पाया दस्तखत
डाइट में पदस्थ भृत्य आनंद कुमार रावत बिना सूचना के गायब था। जानकारी के तुमाबिक उनकी पत्नी बीमार थी जिसकी सूचना उसने मौखिक तौर पर दे रखी थी लेकिन लिखित में सूचना नहीं दी। जिसका आधार बनाकर डाइट प्राचार्य ने डीईओ को निलंबन प्रस्ताव भेज दिया। यही नहीं आनंद पिछले 8 दिनों से कार्यालय आ जा रहा है लेकिन उसकी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई गई। कार्यालय से जुड़े सूत्रों की बातों पर भरोसा करें तो गुरूवार को उसकी उपस्थिति कराई गई थी। इधर उसने उपस्थिति दर्ज कराई उधर निलंबित हो गया।
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प्राथमिक शिक्षक भी निलंबित
उचेहरा विकासखंड के कोलगढ़ी संकुल में आने वाले विद्यालय नई बस्ती अटरा के प्राथमिक शिक्षक रामदुलारे सिंह को निलंबित कर दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने रामदुलारे के खिलाफ नागौद थाना में दर्ज एफआईआर के आधार पर और जेल में 48 घंटे से बंद होने की दशा में निलंबित कर दिया है। इनके लिए भी रामपुर बाघेलान का बीईओ कार्यालय नियत किया गया है। उल्लेखनीय है कि नागौद थाना क्षेत्र के ग्राम अटरा में 26 दिसंबर 2025 की रात पुरानी रंजिश खूनी संघर्ष में बदल गई। आग ताप रहे द्वारिका प्रसाद पटेल पर 11 लोगों के समूह ने लाठी, रॉड, हथौड़ा और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। गंभीर हालत में उन्हें सतना जिला अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। बीच-बचाव में बीरेंद्र, नत्थू सिंह और राहुल सिंह सहित कई ग्रामीण घायल हुए। पुलिस ने हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।