भारतीय शेयर बाजार में बीते छह दिनों से जारी बिकवाली ने निवेशकों को 17 लाख करोड़ का चपत लगाई है। जानें ट्रंप की टैरिफ नीति और FII की बिकवाली ने कैसे बिगाड़ा बाजार का मूड।

शेयर बाजार क्रैश:
नए साल की शुरुआत जिस तेजी की उम्मीद के साथ हुई थी, वह अब निवेशकों के लिए भारी निराशा में बदल गई है। दलाल स्ट्रीट पर बीते छह कारोबारी सत्रों से जारी जबरदस्त बिकवाली ने बाजार की कमर तोड़ दी है। सेंसेक्स और निफ्टी में मची इस उठापटक के कारण निवेशकों की संपत्ति में लगभग 17 लाख करोड़ रुपये की भारी कमी आई है।
सोमवार को भी बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में ही बीएसई सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक टूटकर 83,043 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 140 अंकों की गिरावट के साथ 25,550 के नीचे फिसल गया।
सेंसेक्स की गिरावट: 2 जनवरी को 85,762 पर बंद होने वाला सेंसेक्स अब तक 2,700 से ज्यादा अंक लुढ़क चुका है।
निफ्टी की स्थिति: निफ्टी में अब तक करीब 3% की गिरावट दर्ज की गई है।
मार्केट कैप: बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर अब 464.39 लाख करोड़ रुपये रह गया है।
अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर अनिश्चितता: डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों और भारत के साथ व्यापारिक समझौतों को लेकर स्पष्टता की कमी निवेशकों को डरा रही है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से टैरिफ संबंधी किसी ठोस फैसले के न आने से बाजार में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
FII की भारी बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय बाजार से लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं। पिछले छह दिनों से जारी इस बिकवाली के क्रम में बीते शुक्रवार को ही एफआईआई ने लगभग 3,769 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे बाजार की लिक्विडिटी पर बुरा असर पड़ा है।
कमजोर वैश्विक संकेत और तनाव: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की स्वायत्तता पर सवाल, पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक (Geo-political) तनाव और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव ने वैश्विक स्तर पर निवेशकों के भरोसे को कम किया है।

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भारतीय शेयर बाजार के लिए विदेशों से रेड सिग्नल मिल रहे थे और जिसका डर था वही हुआ। आज खुलते के साथ ही शेयर मार्केट औंधे मुंह गिर गया। इस बड़ी गिरावट के बीच पावर ग्रिड, टाटा स्टील, मारुति, एचडीएफसी बैंक, अडानी पोर्ट्स और टाइटन जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर बिखरे हुए दिखाई दिए।
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बिहार में 50,000 से 60,000 करोड़ रुपये के बड़े निवेश का एलान किया है। भागलपुर के पीरपैंती में पावर प्रोजेक्ट और सारण में आई हॉस्पिटल का उद्घाटन। पढ़ें पूरी खबर।
दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी के दाम आज एक बार फिर एक रुपए प्रति किलो बढ़ा दिए गए। इससे पहले गैस कंपनियों ने शुक्रवार को सीएनजी की कीमतें दो रुपए प्रति किलो बढ़ा दी थी। पिछले तीन दिन में सीएनजी तीन रुपए महंगी हुई है।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों के लिए नियमों में बदलाव किया है। सरकार ने पेट्रोल एक्सपोर्ट पर तीन रुपए प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स लगा दिया है। इसके साथ ही डीजल और जेट फ्यूल पर टैक्स घटाया है।
अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) ने गौतम अदाणी और सागर अदाणी के खिलाफ चल रहे मुकदमे के निपटारे पर सहमति दी है।
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के आखिर कारोबारी दिन शुक्रवार की शुरुआत पॉजिटिव रही। प्रमुख बेंचमॉर्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 हरे निशान पर ट्रेड करते हुए ओपन हुए। इससे पहले मार्केट में गुरुवार के कारोबारी दिन जोरदार तेजी देखने को मिली थी।
हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन आज घरेलू शेयर बाजार में राहत की किरण नजर आ रही है। बीते कुछ दिनों से बिकवाली का दबाव झेल रहे बाजार के प्रमुख सूचकांक हरे निशान पर कारोबर करते दिख रहे हैं। हालांकि, शुरुआती कारोबार में बढ़त के बाद बेंचमार्क सूचकांकों पर बिकवाली का जोर दिखा।
देश में आज से दूध महंगा हो गया है। देर शाम दिग्गज कंपनियों अमूल और मदर डेयरी ने एक के बाद एक अपनी पैकेज्ड मिल्क की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया था और गुरुवार को महंगाई का झटका देश की जनता को लगा है।
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर छाई अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा है। विदेशी निवेशकों की ओर से बिकवाली के दबाव के कारण इक्विटी बाजारों में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में भारी दबाव दिखा।
बीते रविवार को पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की थी और 24 घंटे के भीतर ही अपनी इस अपील को दोहराया भी था। अब सरकार ने गोल्ड को लेकर एक बड़ा फैसला ले लिया है।