वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका के भारी टैरिफ के बाद भारतीय निर्यातकों ने यूरोपीय बाजार में बड़ी कामयाबी हासिल की है। स्पेन और जर्मनी में भारतीय वस्तुओं की मांग में रिकॉर्ड तेजी।
By: Ajay Tiwari
Jan 11, 20268:08 PM
बिजनेस डेस्क. स्टार समाचार वेब
अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत में अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े टैरिफ बाधाओं के बावजूद भारतीय निर्यात क्षेत्र ने अपनी मजबूती साबित की है। नए बाजारों की तलाश में निकले भारतीय निर्यातकों को यूरोपीय संघ (EU) से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। वाणिज्य मंत्रालय के चालू वित्त वर्ष (अप्रैल-नवंबर 2025-26) के आंकड़ों के अनुसार, स्पेन, जर्मनी, बेल्जियम और पोलैंड जैसे देश अब भारतीय वस्तुओं के लिए प्रमुख और स्थिर एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहे हैं।
यूरोपीय देशों में स्पेन ने भारतीय निर्यातकों के लिए सबसे शानदार अवसर पैदा किए हैं। आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के पहले 8 महीनों में स्पेन को होने वाला निर्यात 56 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में जो निर्यात 3 अरब डॉलर था, वह अब बढ़कर 4.7 अरब डॉलर हो गया है। भारत के कुल वैश्विक निर्यात में स्पेन की हिस्सेदारी 0.5 प्रतिशत बढ़कर अब 2.4 प्रतिशत पर पहुँच गई है।
यूरोप के अन्य बड़े बाजारों में भी भारत की पकड़ मजबूत हुई है:
जर्मनी: यहाँ भारतीय निर्यात 9.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 7.5 अरब डॉलर तक पहुँच गया है, जो जर्मनी की स्थिर मांग को दर्शाता है।
बेल्जियम: निर्यात 4.2 अरब डॉलर से बढ़कर 4.4 अरब डॉलर हो गया है।
पोलैंड: इस बाजार में भी 7.6 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है, जहाँ निर्यात का आंकड़ा 1.82 अरब डॉलर को पार कर गया है।
रणनीतिक बदलाव के संकेत
वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों का मानना है कि यह रुझान भारत की 'बाजार विविधीकरण' (Market Diversification) रणनीति की सफलता को दर्शाता है। पुराने बाजारों (अमेरिका) में चुनौतियों के बीच यूरोप में मिली यह स्थिरता भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम करेगी।
| देश | निर्यात (करेंट FY) | वृद्धि दर (%) |
| स्पेन | $4.7 बिलियन | 56% |
| जर्मनी | $7.5 बिलियन | 9.3% |
| पोलैंड | $1.82 बिलियन | 7.6% |
| बेल्जियम | $4.4 बिलियन | 4.7% |