भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त बिकवाली देखी गई। सेंसेक्स और निफ्टी के टूटने से निवेशकों को 3 लाख करोड़ का घाटा हुआ। पढ़ें बाजार गिरने की 4 बड़ी वजहें।
By: Ajay Tiwari
Feb 27, 20261:08 PM
मुंबई। बिजनेस डेस्क। स्टार समाचार वेब
भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन 'ब्लैक फ्राइडे' साबित हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी में अचानक आई जबरदस्त बिकवाली ने निवेशकों के होश उड़ा दिए। बाजार खुलते ही लाल निशान में गोता लगाने लगा और देखते ही देखते निवेशकों के करीब 3 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गई। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह बिगड़ गया है।
बाजार में गिरावट के 4 कारण (Key Reasons)
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में आई इस सुनामी के पीछे निम्नलिखित चार प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाने के संकेतों के कारण वैश्विक बाजारों में बिकवाली का दबाव देखा गया। इसका सीधा असर एशियाई बाजारों और विशेषकर भारत पर पड़ा। दूसरी वजह दुनिया के कुछ हिस्सों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) ने निवेशकों के मन में डर पैदा कर दिया है, जिससे वे जोखिम वाले एसेट्स (शेयर) से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश की ओर भाग रहे हैं। तीसरा कारण पिछले कुछ दिनों से बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब था। ऐसे में ऊंचे स्तरों पर बड़े संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारी मुनाफावसूली की, जिससे गिरावट को रफ्तार मिली। चौथा अहम कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई तेजी ने महंगाई की चिंता बढ़ा दी है। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह अर्थव्यवस्था और कॉर्पोरेट मार्जिन के लिए नकारात्मक संकेत है।
निवेशकों को लगा बड़ा झटका
बाजार में आई इस गिरावट से बीएसई (BSE) पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप तेजी से नीचे गिरा। महज कुछ घंटों के कारोबार में निवेशकों के पोर्टफोलियो से 3 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा मार देखने को मिली।
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार के जानकारों का कहना है कि ऐसी अस्थिरता के समय रिटेल निवेशकों को घबराहट में आकर (Panic Sell) शेयर नहीं बेचने चाहिए। अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों में बने रहना या गिरावट पर खरीदारी करना लंबी अवधि के लिए फायदेमंद हो सकता है।