आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत ज्यादा दमदार नहीं रही। सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी हल्की बढ़त और गिरावट के बीच झूलते नजर आए। पूरे बाजार में ऐसा माहौल दिखा जैसे निवेशक अभी बड़े दांव लगाने से बच रहे हों।

प्रमुख सूचकांकों ने मामूली गिरावट के साथ लाल निशान में शुरुआत
ग्लोबल तनाव और विदेशी बिकवाली ने बाजार का मूड कमजोर किया
मुंबई। स्टार समाचार वेब
आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत ज्यादा दमदार नहीं रही। सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी हल्की बढ़त और गिरावट के बीच झूलते नजर आए। पूरे बाजार में ऐसा माहौल दिखा जैसे निवेशक अभी बड़े दांव लगाने से बच रहे हों। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ती तेल कीमतें, ग्लोबल तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार का मूड कमजोर कर रखा है। यही वजह है कि बाजार पूरी रफ्तार नहीं पकड़ पाया। दरअसल, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और विशेष रूप से ईरान पर अमेरिकी हमलों के प्रभाव के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत उतार-चढ़ाव के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांकों ने मामूली गिरावट के साथ लाल निशान में शुरुआत की, क्योंकि निवेशक शांति समझौते की उम्मीदों पर इन हमलों के संभावित असर का आकलन कर रहे हैं। हालांकि, इस दबाव के बावजूद व्यापक बाजारों ने बेंचमार्क इंडेक्स की तुलना में अपना बेहतर प्रदर्शन जारी रखा है।
बाजार के मुख्य आंकड़े
बुधवार के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 479.26 (-0.62 फीसदी) अंक टूटकर 76,009.70 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स शुरुआती दबाव के कारण 118.00 (-0.49 प्रतिशत) कमजोर होकर 23,913.70 के स्तर पर पहुंचा।
एशियाई बाजार में मिला जुला कारोबार
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| कोस्पी (साउथ कोरिया) | 8433 | 377 | 4.79% |
| निक्केई (जापान) | 65817 | 821 | 1.26% |
| हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) | 25412 | -188 | -0.78% |
प्रमुख स्टॉक्स का हाल
व्यक्तिगत शेयरों की बात करें तो बैंकिंग दिग्गज एचडीएफसी बैंक के शेयरों में दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि इटरनल के स्टॉक ने 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार किया।
तनाव का बाजार पर प्रभाव
बाजार में इस सतर्कता का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभरती अनिश्चितता है। निवेशक ईरान पर अमेरिका द्वारा किए गए हमलों पर करीब से नजर बनाए हुए हैं और यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि इसका अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर क्या असर होगा। यही कारण है कि बुधवार को बाजार लाल निशान में खुले और निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
अमेरिकी बाजार में कल मिला जुला कारोबार रहा
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| डाउ जोन्स | 50462 | -118 | -0.23% |
| नैस्डैक | 26656 | 312 | 1.19% |
| S&P 500 | 7519 | 46 | 0.61% |
बाजार पर अंतरराष्ट्रीय तनाव की मार
बाजार में इस तेज उतार-चढ़ाव की सबसे बड़ी वजह दुनिया भर में बढ़ रहा भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार निकाला जा रहा पैसा है। ईरान के दक्षिणी हिस्से में हुए नए अमेरिकी सैन्य हमलों ने मध्य पूर्व में कूटनीतिक शांति की उम्मीदों को काफी कमजोर कर दिया है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने का डर निवेशकों को फिर से सताने लगा है। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों ने 2,407 करोड़ से ज्यादा के शेयर बेच डाले, जिससे बाजार पर बिकवाली का भारी दबाव बन गया।
दिग्गज शेयरों में दिखा ज्यादा एक्शन
उठापटक वाले कारोबारी माहौल में कुछ बड़ी कंपनियों के शेयरों को भारी नुकसान उठाना पड़ा, तो वहीं कुछ ने शानदार बढ़त भी बनाई। बाजार को नीचे खींचने वालों में एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एक्सिस बैंक, इंडिगो जैसे बड़े नाम सबसे आगे रहे। दूसरी तरफ, इस बिकवाली के दबाव के बावजूद एनटीपीसी, पावर ग्रिड, इटरनल और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली और ये फायदे में रहे। इन सबके बीच, वैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की कीमत 1.56 प्रतिशत गिरकर 98 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गई है, जो भारत जैसे ऊर्जा आयातक देश के लिए एक राहत की बात हो सकती है।
विदेशी निवेशकों ने ₹2408 करोड़ के शेयर बेचे
| कैटेगरी | लेटेस्ट | बीते 7 दिन | बीते 30 दिन |
| DII | 1,362 | 13,714 | 69,545 |
| FII/FPI | -2,408 | -7,918 | -46,435 |
आईटी शेयरों ने दिया थोड़ा सहारा
आज आईटी सेक्टर के शेयरों में हल्की मजबूती देखने को मिली। कमजोर रुपए की वजह से आईटी कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद बढ़ी है। कुछ बड़ी आईटी कंपनियों में खरीदारी की वजह से बाजार को थोड़ा सहारा मिला। वहीं बैंकिंग और आॅटो सेक्टर में दबाव दिखाई दिया। बढ़ती तेल कीमतों का असर आटो कंपनियों पर पड़ सकता है, इसलिए निवेशक सतर्क बने हुए हैं।

भारतीय शेयर बाजार में आज शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी का रुख रहा। सुबह 9:23 बजे तक निफ्टी 50 में 0.20 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जो 23,315.80 पर पहुंच गया। वहीं, बीएसई सेंसेक्स 0.22 फीसदी बढ़कर 74,474.19 पर कारोबार कर रहा था। बाजार में यह बढ़त कच्चे तेल की कम कीमतों के कारण देखी गई।
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भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 1,129 घटकर 1.51 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। वहीं, 1 किलो चांदी की कीमत में 2,862 रुपए की कमी आई है, जिससे इसका नया भाव 2.28 लाख रुपए प्रति किलो हो गया है।
भारतीय शेयर बाजार में आज शुरुआती गिरावट के बाद तेजी लौटी। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक हरे निशान पर पहुंच गए। निवेशकों की नजरें अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी नीतिगत निर्णय पर टिकी हैं।
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पिछले सत्र में भारी नुकसान के बाद आज शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल दर्ज किया गया। वैल्यू बाइंग के कारण प्रमुख सूचकांकों में यह सुधार देखा गया। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले बाजार में सतर्कता बनी हुई है।
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देशभर के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच मंगलवार को ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर आई। बीते दो दिनों की तेजी पर ब्रेक लगाते हुए सोने और चांदी दोनों के दामों में गिरावट दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में जारी उथल-पुथल के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आए उबाल से कीमती धातुओं की चमक फीकी पड़ी है।
आज भारतीय शेयर बाजार ने वैश्विक चुनौतियों के बात भी मजबूत बढ़त दर्ज की। सेंसेक्स 200 अंक से अधिक चढ़ा, निफ्टी 23,450 के ऊपर रहा और आईटी सूचकांक में 3 फीसदी से अधिक की तेजी आई। दरअसल, वैश्विक स्तर पर बढ़ते बॉन्ड प्रतिफल और कच्चे तेल के दामों ने निवेशकों को चिंतित किया।
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