एशियाई बाजारों में हाहाकार और कच्चे तेल के 85 डॉलर के पार जाने के बावजूद आज भारतीय शेयर बाजार हरे निशान पर खुला। एशियाई बाजार के शुरुआती कारोबार में चिपमेकर कंपनियों के शेयर लगातार बेचे जाने से दबाव में रहे।
भारतीय शेयर बाजार आज भी हरे निशान पर खुला और वह भी तब जब एशियाई बाजारों में आज चौतरफा भारी बिकवाली का माहौल है। कच्चे तेल की भी कीमतें और बढ़ी हैं। एशियन मार्केट पूरी तरह से क्रैश हो गया है। वहीं भारतीय शेयर बाजार ने अपनी अद्भुत मजबूती का प्रदर्शन किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर एक बार फिर निशाना साधा है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक तस्वीर शेयर की, जिस पर लिखा था कि रिस्ट्रेनिंग आर्डर की जरूरत है।
भारतीय शेयर बाजार की ओपनिंग हफ्ते के पहले दिन ग्रीन रही। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में भी तेजी देखी जा रही है। कई बड़े बैंकों के मजबूत नतीजों से निवेशकों का सेंटिमेंट सुधरा है। बीएसई का 30 शेयरों वाला इंडेक्स सेंसेक्स उछलकर हाई लेवल पर कारोबार की शुरुआत की।
भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी। सेंसेक्स और निफ्टी में जबरदस्त उछाल। कच्चे तेल में गिरावट और अमेरिका-ईरान वार्ता का बाजार पर सकारात्मक असर। जानें आज की बड़ी अपडेट्स।
आज के शेयर बाजार का हाल जानें। भारतीय बाजार में सुस्ती, एशियाई बाजारों की स्थिति, कच्चे तेल की घटती कीमतें और अमेरिकी बाजारों के रिकॉर्ड स्तर की विस्तृत जानकारी यहाँ पढ़ें।
29 जून का शेयर बाजार अपडेट: अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ते क्रूड ऑयल के दामों के बीच भारतीय बाजार सुस्त। जानें निफ्टी, सेंसेक्स और ग्लोबल मार्केट का पूरा हाल।
रिलायंस जियो के IPO की चर्चा जोरों पर है। क्या जियो का IPO भारतीय बाजार का सबसे बड़ा इश्यू बनेगा? जानिए जियो के बिजनेस मॉडल, IPO फाइलिंग और निवेशकों के लिए इसके मायने।
भारतीय शेयर बाजार में आज बढ़त दर्ज की गई। बुधवार को शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 303.73 अंक चढ़कर 74,222.49 पर पहुंचा गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक- निफ्टी 85.40 अंकों की बढ़त के साथ 23,327.50 पर पहुंचा।
भारतीय शेयर बाजार में आज तेजी देखी गई। जबकि सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। वहीं ग्लोबल मार्केट में तेजी- अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों की खरीदारी और एशियाई बाजारों में, खासतौर पर दक्षिण कोरिया के कोस्पी में आए उछाल ने घरेलू निवेशकों के सेंटिमेंट को सुधारा है।






















